गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी को लेकर उठे पासपोर्ट विवाद ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर अब केंद्र सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि इस मामले में सामने आए दस्तावेज फर्जी और मनगढ़ंत हैं।
कांग्रेस ने क्या लगाया आरोप
कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र के पासपोर्ट हैं। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनावी हलफनामे में इन विदेशी पासपोर्टों और कथित विदेशी संपत्तियों का जिक्र नहीं किया।
केंद्र ने दस्तावेजों को बताया फर्जी
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि कांग्रेस द्वारा साझा किए गए पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज असली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राजनयिक माध्यमों और जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि ये कागजात पूरी तरह फर्जी हैं। उनका आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने इन्हें राजनीतिक फायदा लेने के उद्देश्य से सार्वजनिक किया।
मुख्यमंत्री ने भी किया पलटवार
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिस यूएई पासपोर्ट की कॉपी दिखाई जा रही है, उसका स्रोत एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप बताया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फोटोशॉप का इस्तेमाल कर उनकी पत्नी की तस्वीर और नाम को फर्जी दस्तावेजों पर चिपकाया गया है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि इन दस्तावेजों में कई तकनीकी खामियां भी हैं, जैसे नाम की गलत स्पेलिंग, अमान्य क्यूआर कोड और गलत पासपोर्ट नंबर।
मानहानि का केस दर्ज
इस विवाद के बीच रिंकी भुइयां सरमा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है। उल्लेखनीय है कि भारतीय कानून के अनुसार देश में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है।
इधर, असम पुलिस पूछताछ के सिलसिले में दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास भी पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिले। इस पर मुख्यमंत्री सरमा ने तंज कसते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो उन्हें “पाताल से भी ढूंढकर” लाया जाएगा।