नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और इसी क्रम में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) तथा परीक्षा से जुड़े कुछ अन्य संस्थानों के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।

सीबीआई ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडा और पुणे से मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा लातूर से एक सेवानिवृत्त कॉलेज प्रोफेसर को भी हिरासत में लिया गया है। एजेंसी ने बीते 24 घंटों में देशभर के करीब 14 ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों के अनुसार जांच का मुख्य फोकस पेपर लीक के वास्तविक स्रोत तक पहुंचना है।

जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर सीबीआई यह भी मान रही है कि इस पूरे मामले में कुछ सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे पहले इसी केस में जयपुर से मांगिलाल बीवाल, विकास बीवाल और दिनेश बीवाल के अलावा गुरुग्राम से यश यादव और नासिक से शुभम खैरनार को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

10–12 लाख रुपये की डील का खुलासा

जांच एजेंसी के अनुसार, शुभम खैरनार ने अप्रैल में यश यादव को बताया था कि मांगिलाल बीवाल अपने बेटे के लिए लीक प्रश्नपत्र हासिल करने के बदले 10 से 12 लाख रुपये तक देने को तैयार था। आरोप है कि इस दौरान करीब 500 से 600 प्रश्नों की जानकारी साझा की गई, जिनमें से कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा में भी शामिल पाए गए।

रिश्तेदारों में भी बांटा गया पेपर

सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि मांगिलाल बीवाल ने कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र अपने बेटे और कुछ रिश्तेदारों के बीच भी साझा किया था। एजेंसी को जांच के दौरान कई डिजिटल चैट, फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि डिलीट किए गए डेटा को भी रिकवर किया जा सके।

लातूर में मॉक टेस्ट से जुड़े सवालों पर जांच

इसी बीच महाराष्ट्र के लातूर में भी जांच तेज कर दी गई है, जिसे कोचिंग हब माना जाता है। यहां एक अभिभावक की शिकायत के बाद मामला सामने आया कि एक निजी कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट के 42 प्रश्न नीट परीक्षा के सवालों से मेल खाते थे। इसके बाद सीबीआई ने एक रिटायर्ड कॉलेज शिक्षक को हिरासत में लिया है, हालांकि उनकी पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।

इससे पहले लातूर में पुलिस कोचिंग स्टाफ, काउंसलर और छात्रों समेत कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा को लेकर विवाद गहराता गया, जबकि राजस्थान एसओजी ने भी दावा किया था कि एक अनुमानित प्रश्न पत्र के कई सवाल वास्तविक परीक्षा से मेल खाते थे।