बागपत पुलिस ने ऑनलाइन फर्जी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक युवती समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक विज्ञापन और फर्जी संपर्क नंबरों के जरिए लोगों को आसान लोन का लालच देकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। मामले का खुलासा पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान किया गया।
सोशल मीडिया के जरिए बिछाया जाता था जाल
अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार चौहान ने बताया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापन डालकर कम समय में लोन दिलाने का दावा करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति संपर्क करता था, उससे प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे वसूले जाते थे। रकम मिलने के बाद न तो लोन दिया जाता था और न ही पीड़ितों को उनकी राशि वापस मिलती थी।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात सहित कई राज्यों से इनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह वर्ष 2016 से इस तरह की धोखाधड़ी में सक्रिय था और अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
नकदी और उपकरण बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 4200 रुपये नकद, दो वाहन और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त किए गए मोबाइल और डिजिटल डिवाइस की जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और पीड़ितों की संख्या का पता लगाया जा सके।
जांच जारी, और गिरफ्तारी की संभावना
अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी लोन ऑफर या विज्ञापन पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें और किसी भी संस्था को पैसे भेजने से पहले उसकी वैधता की पुष्टि जरूर करें।