रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बीते छह वर्षों को वैश्विक स्तर पर बेहद अस्थिर और अनिश्चितता से भरा दौर बताया। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने खुद को दुनिया के सबसे मजबूत और लचीले देशों में साबित किया है और कई बड़े संकटों से सफलतापूर्वक उबरा है।
अपने संबोधन में अंबानी ने कंपनी के भविष्य के विस्तार की रूपरेखा भी साझा की। उन्होंने कहा कि रिलायंस अब सिर्फ पारंपरिक ऊर्जा और दूरसंचार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पेय पदार्थ, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, ताजे फल और वस्त्र निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म विकसित करेगी।
इसी मंच पर कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने बताया कि हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद बढ़ी ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए रिलायंस ने एलपीजी उत्पादन क्षमता को चार गुना तक बढ़ाया है, ताकि देश की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
भारत की भूमिका पर अंबानी का विज़न
मुकेश अंबानी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक स्तर पर शांति, संतुलन और सहयोग को बढ़ावा देने वाला प्रमुख देश बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश को महत्वपूर्ण संसाधनों और तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम करना होगा।
उन्होंने जानकारी दी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने कंपनी के आईपीओ से जुड़े ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को मंजूरी दे दी है, जिसे जल्द ही बाजार नियामक सेबी के पास दाखिल किया जाएगा।
जियो IPO और तकनीकी विस्तार की बड़ी योजना
अंबानी ने इसे कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि जियो का प्रस्तावित आईपीओ वैश्विक बाजार में भारत की तकनीकी क्षमता को नई पहचान देगा। प्रस्ताव के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।
जानकारों के अनुसार, जियो का आईपीओ दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है, जिसका मूल्यांकन 130 से 180 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वर्तमान में जियो प्लेटफॉर्म्स की बड़ी हिस्सेदारी रिलायंस के पास है, जबकि मेटा और गूगल भी इसमें हिस्सेदार हैं।
कंपनी का लक्ष्य 2030 तक पूरे देश को 5G नेटवर्क से जोड़ना और छोटे-बड़े कारोबारों के डिजिटल रूपांतरण को गति देना है। साथ ही, एआई आधारित सेवाओं और प्रीमियम 5G समाधानों के जरिए नए राजस्व स्रोत विकसित करने की योजना भी साझा की गई।
नई टेक्नोलॉजी और स्पेस सेक्टर में कदम
एजीएम में जियो के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही भारत में ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिससे देश की स्पेस टेक्नोलॉजी क्षमता और मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जियो अपनी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवा ‘जियो एयरफाइबर’ का तेजी से विस्तार कर रहा है, और अधिकांश इंस्टॉलेशन 24 घंटे के भीतर पूरे किए जा रहे हैं।