उत्तराखंड: भारतीय निशानेबाजी जगत से एक बार फिर दुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध कोच और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित जसपाल राणा के परिवार में गम का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बेटे के निधन के कुछ ही दिनों बाद उनकी माता श्यामा देवी राणा का भी निधन हो गया है।

जानकारी के अनुसार, 78 वर्षीय श्यामा देवी राणा दिल्ली के एक आर्मी अस्पताल में उपचाराधीन थीं। 12 जून को बेटे जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई थी, जिसके बाद आज उन्होंने अंतिम सांस ली। इस घटना से परिवार एक बार फिर गहरे शोक में डूब गया है।

जसपाल राणा का परिचय और योगदान

उत्तराखंड के टिहरी जिले के चिलामू गांव के रहने वाले जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी में एक बड़ा नाम रहे हैं। उन्होंने पिस्टल शूटिंग में भारत के लिए कई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल कीं और बाद में देश के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में भी अहम भूमिका निभाई।

महज 18 वर्ष की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भी उनका प्रदर्शन भारत के लिए गौरवपूर्ण रहा।

अंतिम समय और स्वास्थ्य स्थिति

म्यूनिख में आईएसएसएफ विश्व कप से लौटते समय जसपाल राणा को अस्वस्थता महसूस हुई थी। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्टेंट सर्जरी भी हुई थी। हालांकि वे ठीक हो रहे थे, लेकिन अचानक उनके निधन की खबर ने खेल जगत को गहरा सदमा दिया।