उत्तराखंड में 153 हिंदू शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता

देहरादून। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के तहत उत्तराखंड में रहने वाले 153 हिंदू शरणार्थियों को अब भारतीय नागरिक घोषित कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह विभाग ने विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद पाकिस्तान से आए 147 और अफगानिस्तान से आए 6 आवेदकों की नागरिकता मंजूर की है।
इस समय केंद्र सरकार के पास 45 आवेदन लंबित हैं, जिनमें पाकिस्तान से 42 और बांग्लादेश से 3 आवेदन शामिल हैं।
सीएए, जिसे वर्ष 2019 में नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन के रूप में लागू किया गया था, 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने वाले हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान करता है।
उत्तराखंड में इस कानून के लागू होने के बाद पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों ने नागरिकता के लिए आवेदन किया। कुल 198 आवेदकों का पंजीकरण देहरादून चैप्टर द्वारा किया गया, जिसमें अधिकांश पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान क्षेत्र से संबंधित हैं। इन शरणार्थियों के परिवार देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में रह रहे हैं।
नव नागरिकों का सम्मान:
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को हरिद्वार आएंगे और इस अवसर पर नए नागरिकों का सम्मान किया जाएगा। सभी संबंधित नागरिकों से संपर्क कर कार्यक्रम में आमंत्रित किया जा रहा है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.