अयोध्या में विवाह पंचमी पर होगा भव्य ध्वजारोहण समारोह

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से 25 नवंबर को विवाह पंचमी के दिन भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के लिए लगभग आठ हजार मेहमानों की सूची बनाई जा रही है। ट्रस्ट ने बताया कि यह तिथि इसलिए चुनी गई है क्योंकि इसी दिन अयोध्या में राम विवाह का भव्य उत्सव मनाया जाता है, जिसमें पांच लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होते हैं।
समारोह की रूपरेखा और समय
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि ध्वजारोहण समारोह सुबह 11 बजे शुरू होकर लगभग तीन घंटे चलेगा। समारोह में पूर्वी उत्तर प्रदेश के 49 जिलों से आठ हजार मेहमान आमंत्रित किए जाएंगे। इसमें समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व होगा। अयोध्या से लगभग 3000 मेहमान इसमें सहभागी होंगे, जिनमें संत, धर्माचार्य, ग्राम प्रधान और अयोध्या के 37 जातीय मंदिरों के प्रमुख शामिल हैं।
आयोजन की तैयारियाँ
अब तक 2200 मेहमानों की सूची तैयार हो चुकी है और माह के अंत तक पूरी सूची फाइनल कर दी जाएगी। समारोह के लिए 8200 कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। टेंट और कुर्सियों के लिए स्थान पहले ही चिन्हित किया जा चुका है।
ध्वज का आकार और रंग पर मंथन
मुख्य मंदिर पर 190 फीट की ऊंचाई पर ध्वज फहराया जाएगा। इसके अलावा अन्य उप-मंदिरों पर भी ध्वज फहराने की योजना है। भगवान राम के ध्वज पर प्राचीन काल में कोई चिन्ह था या नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। ध्वज पीला होगा या केसरिया, इस पर संत और विद्वानों से राय ली जा रही है। साथ ही, ध्वज के आकार, ऊंचाई और हवा के प्रभाव का भी अध्ययन किया जा रहा है।
ऐतिहासिक संदर्भ
जगद्गुरु राम दिनेशाचार्य ने बताया कि राम वनवास के दौरान चित्रकूट में विश्राम के समय लक्ष्मण को उत्तर से आ रही सेना के रथ पर लगे ध्वज पर कोविदार वृक्ष दिखाई दिया था, जिससे वह पहचान गए कि यह सेना अयोध्या की है। वाल्मीकि रामायण के 96वें सर्ग में वर्णित इस श्लोक से पता चलता है कि उस समय अयोध्या का राजवृक्ष कोविदार का पेड़ था, जिसे ध्वज पर अंकित किया गया था।
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