चंपत राय के बचाव में उतरी VHP: बोली- सिर्फ आरोप से कोई दोषी नहीं हो जाता

HIGHLIGHTS
- वीएचपी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के फैसले का सम्मान किया जाएगा और केवल आरोपों से किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।
- संगठन ने राम मंदिर दान कथित घोटाले की जांच को निष्पक्ष रूप से पूरी होने देने की बात कही और जांच एजेंसियों पर भरोसा जताया।
- वीएचपी ने चंपत राय और अनिल मिश्रा का बचाव करते हुए कहा कि दोनों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है।
नई दिल्ली। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने सोमवार को अपना रुख स्पष्ट किया। संगठन ने कहा कि ट्रस्ट जो भी निर्णय लेगा, उसका सम्मान किया जाएगा और केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।
वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि राम मंदिर में कथित दान गबन मामले की जांच को उसके निष्कर्ष तक पहुंचने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी तरह की अटकलों में शामिल नहीं होगा और ट्रस्ट के निर्णय पर पूरा भरोसा रखता है।
जैन ने चंपत राय और अनिल मिश्रा का बचाव करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप लगना उसे दोषी नहीं बनाता। उनके अनुसार, जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक किसी को अपराधी करार नहीं दिया जाना चाहिए और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चंपत राय के खिलाफ लगाए गए कई आरोप जांच में पहले ही कमजोर साबित हो चुके हैं। वीएचपी का कहना है कि ट्रस्ट ने जांच में पूरा सहयोग दिया है और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई भी की गई है।
सुरेंद्र जैन ने कहा कि दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है, जो संगठनात्मक पारदर्शिता की दिशा में एक कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि वीएचपी मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता और सुधार के पक्ष में है।
इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि हिंदू धार्मिक संस्थानों का संचालन सरकार के बजाय समाज के हाथों में होना चाहिए। वीएचपी ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल राम मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा कर रहे हैं और जनता की आस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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