ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर बड़ा दावा, पाक में अगले दो दिनों में हो सकती है बड़ी हलचल

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनावपूर्ण कूटनीतिक बातचीत को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच वार्ता का अगला दौर आने वाले दो दिनों में पाकिस्तान में हो सकता है।
ट्रंप ने यह टिप्पणी ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ को दिए एक इंटरव्यू में की। उन्होंने कहा, “आपको वहीं रहना चाहिए, क्योंकि अगले दो दिनों में कुछ बड़ा हो सकता है और हम वहां जाने के लिए अधिक इच्छुक हैं।”
पाकिस्तान की भूमिका पर चर्चा
ट्रंप ने संभावित वार्ता में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कोशिशों से बातचीत आगे बढ़ने की संभावना बनी है। हालांकि शांति वार्ता के लिए जिनेवा को भी एक विकल्प के तौर पर देखा गया था, लेकिन ट्रंप ने उस संभावना को खारिज करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे देश में क्यों जाया जाए जिसका इस प्रक्रिया से सीधा संबंध नहीं है।
अमेरिका की सैन्य गतिविधियां तेज
रिपोर्ट्स के अनुसार, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान की ओर जाने वाले समुद्री मार्गों पर निगरानी और रोकथाम की कार्रवाई तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि यह कदम सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू किया जा रहा है। शुरुआती 24 घंटों में छह व्यापारिक जहाजों को वापस लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अभियान में करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक, 100 से अधिक विमान और 18 युद्धपोतों की तैनाती शामिल होने की बात कही जा रही है।
कूटनीति और तनाव साथ-साथ
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, बातचीत पूरी तरह सफल नहीं हुई है, लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना बनी हुई है। इससे पहले पाकिस्तान में हुई लगभग 21 घंटे लंबी बातचीत भी बिना किसी अंतिम समझौते के खत्म हो गई थी, क्योंकि अमेरिका ईरान से परमाणु संवर्धन कार्यक्रम रोकने की मांग पर अड़ा रहा। फिलहाल दोनों देश अपने-अपने रुख पर कायम हैं, लेकिन आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
पोप पर ट्रंप की टिप्पणी
एक अन्य बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो XIV पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पोप ईरान के परमाणु खतरे की गंभीरता को नहीं समझते हैं। एक इतालवी अखबार को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “वह युद्ध की स्थिति को नहीं समझते, और उन्हें इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए क्योंकि उन्हें इसकी वास्तविक जानकारी नहीं है।”
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