भारत के बाद अफगानिस्तान ने किया पाक के नूर खान एयरबेस को तबाह

काबुल/इस्लामाबाद। अफगानिस्तान ने सोमवार को पाकिस्तान के कई प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। इनमें रावलपिंडी स्थित रणनीतिक नूर खान एयरबेस भी शामिल बताया गया है। अफगान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने इस कार्रवाई को पाकिस्तान की ओर से अफगान क्षेत्र में किए गए कथित हवाई हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है।
✈️ अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा
अफगान रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा कि अफगान वायु सेना ने पाकिस्तान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर “सटीक और योजनाबद्ध” हवाई अभियान चलाया।
मंत्रालय के अनुसार, नूर खान एयरबेस के अलावा बलूचिस्तान के क्वेटा स्थित 12वीं डिवीजन मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी क्षेत्र में ख्वाजाई कैंप को भी निशाना बनाया गया।
पोस्ट में ड्रोन हमलों के वीडियो और सैटेलाइट तस्वीरें साझा किए जाने का दावा भी किया गया है, साथ ही अन्य रणनीतिक सैन्य कमांड सेंटरों को टारगेट करने की बात कही गई है।
⚠️ स्वतंत्र पुष्टि नहीं
हालांकि, अफगानिस्तान की ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। नूर खान एयरबेस को हुए कथित नुकसान का भी स्पष्ट आकलन सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि यह एयरबेस पहले भी मई 2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान चर्चा में रहा था, जब इसे हमलों का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वहां पुनर्निर्माण कार्य जारी था।
🔁 ‘हमले के जवाब में कार्रवाई’ का दावा
अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह ऑपरेशन पाकिस्तान की सेना द्वारा काबुल, बगराम और अन्य क्षेत्रों में किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया गया।
मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन या किसी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई होती है, तो उसका “तेज और निर्णायक जवाब” दिया जाएगा।
💥 नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रविवार तड़के पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने कुछ क्षेत्रों में कार्रवाई की कोशिश की थी, हालांकि अफगान पक्ष का दावा है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को रोक दिया।
तालिबान से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी पक्ष को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें सैनिकों की मौत, घायल होने और सैन्य चौकियों को नुकसान पहुंचने के दावे शामिल हैं। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
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