‘सिर्फ बॉर्डर नहीं, 50 किमी तक हर हलचल पर नजर रखें’: अमित शाह का BSF को संदेश

HIGHLIGHTS
- राजस्थान दौरे के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीएसएफ की ऐतिहासिक सांचू पोस्ट पहुंचे।
- इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे।
- गृह मंत्री ने सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और देश की सुरक्षा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- प्रहरी सम्मेलन में दिए अहम निर्देश सांचू पोस्ट पर आयोजित प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने पर…
राजस्थान दौरे के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीएसएफ की ऐतिहासिक सांचू पोस्ट पहुंचे। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे। गृह मंत्री ने सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और देश की सुरक्षा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रहरी सम्मेलन में दिए अहम निर्देश
सांचू पोस्ट पर आयोजित प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 50 किलोमीटर के दायरे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही सीमावर्ती गांवों में हो रहे अवैध निर्माण की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि बीएसएफ की जिम्मेदारी केवल सीमा की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में होने वाली हर गतिविधि पर सतर्क नजर रखना भी आवश्यक है।
ऑपरेशन सिंदूर की सराहना
अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ जवानों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी जवानों ने न सिर्फ सीमा की रक्षा की, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों का मनोबल भी मजबूत किया। उन्होंने कहा कि देश के सीमा प्रहरी अत्यंत विषम परिस्थितियों—बर्फीले इलाकों से लेकर तपते रेगिस्तान तक—में साहस और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए लगभग 2000 जवानों को भी नमन किया।
जवानों के साथ संवाद और नाश्ता
दौरे के दौरान गृह मंत्री ने जवानों के साथ अनौपचारिक बातचीत की और उनके साथ नाश्ता भी किया। उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में तैनाती के दौरान आने वाली चुनौतियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली तथा जवानों का मनोबल बढ़ाया।
महिला बैरकों का ई-लोकार्पण
अमित शाह ने बीएसएफ की विभिन्न चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण भी किया। अधिकारियों के अनुसार राजस्थान में स्वीकृत 79 महिला बैरकों में से अधिकांश का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और सरकार उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
आधुनिक तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण
गृह मंत्री ने प्रहरी आर्म्स गैलरी का निरीक्षण करते हुए ड्रोन तकनीक और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम की जानकारी ली। उन्होंने जीरो पॉइंट क्षेत्र का भी अवलोकन किया और कहा कि सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के बीच समन्वय जरूरी है।
उन्होंने सीमापार घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए और “मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड” की आवश्यकता पर जोर दिया।
सीमावर्ती विकास योजनाएं
अमित शाह ने बताया कि सीमा क्षेत्रों में 1096 किलोमीटर लंबी लिटरल रोड और 520 किलोमीटर लंबी एक्ससीएल रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे जवानों की आवाजाही और संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही नई तकनीक आधारित फेंसिंग और ड्रोन-रोधी सिस्टम भी विकसित किए जा रहे हैं।
सांचू पोस्ट का ऐतिहासिक महत्व
गृह मंत्री ने 1965 के भारत-पाक युद्ध का उल्लेख करते हुए सांचू पोस्ट के ऐतिहासिक महत्व को याद किया। उन्होंने कहा कि इस पोस्ट पर भारतीय जवानों ने दुश्मन के प्रयासों को विफल कर गौरवशाली इतिहास रचा, जिसे आज भी “सांचू दिवस” के रूप में याद किया जाता है।
मंदिर दर्शन और पौधारोपण
दौरे के अंत में अमित शाह ने सांचू माता मंदिर में पूजा-अर्चना की और परिसर में खेजड़ी का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस अवसर पर पौधारोपण किया।
बीकानेर में होगी उच्च स्तरीय बैठक
इसके बाद गृह मंत्री बीकानेर स्थित बीएसएफ मुख्यालय में सीमावर्ती जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इसमें सीमा सुरक्षा, तस्करी पर नियंत्रण, सड़क और 4G कनेक्टिविटी तथा वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
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