किडनी फेल होने से एक और मौत: कोटा में नहीं थम रहा प्रसूता की मौतों का सिलसिला

HIGHLIGHTS
- कोटा जिले में प्रसूता महिलाओं की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
- न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रविवार को एक और गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।
- मृतका की पहचान शिवपुर निवासी शिरीन के रूप में हुई है, जो करीब छह माह की गर्भवती थी।
- किडनी फेलियर और संक्रमण के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई थी।
- इस ताजा मौत के बाद अस्पताल में प्रसूता मौतों का आंकड़ा बढ़कर पांच हो गया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
- परिजनों के मुताबिक, शिरीन को 5 मई को तबीयत खराब होने…
कोटा जिले में प्रसूता महिलाओं की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रविवार को एक और गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान शिवपुर निवासी शिरीन के रूप में हुई है, जो करीब छह माह की गर्भवती थी। किडनी फेलियर और संक्रमण के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई थी। इस ताजा मौत के बाद अस्पताल में प्रसूता मौतों का आंकड़ा बढ़कर पांच हो गया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
परिजनों के मुताबिक, शिरीन को 5 मई को तबीयत खराब होने पर न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में डॉक्टरों ने जटिल स्थिति बताते हुए इलाज शुरू किया और उसे वार्ड में रखा गया। परिवार का आरोप है कि 7 मई के बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी और शरीर से लगातार रक्तस्राव होने लगा, लेकिन समय पर उचित ध्यान नहीं दिया गया।
स्थिति गंभीर होने पर परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर गए, जहां डायलिसिस किया गया। इसके बावजूद संक्रमण पर नियंत्रण नहीं हो सका और उसकी हालत लगातार खराब होती गई। बाद में 16 मई को उसे फिर से न्यू मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी विभाग में रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।
परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि शुरुआती चरण में सही इलाज और निगरानी मिलती तो शिरीन की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों का दावा है कि समय पर उपचार न मिलने से संक्रमण बढ़ता गया और स्थिति किडनी फेलियर तक पहुंच गई।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में यह पांचवीं प्रसूता की मौत है, जिससे लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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