आंबेडकर कॉलेज में विवाद: डूसू की संयुक्त सचिव ने प्रोफेसर को मारा थप्पड़

पूर्वी दिल्ली स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज में गुरुवार शाम बड़ा हंगामा हो गया। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) की संयुक्त सचिव दीपिका झा ने कॉलेज प्राचार्य के कक्ष में एक प्रोफेसर को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। वारदात के समय कॉलेज प्राचार्य सदानंद प्रसाद और ज्योति नगर थाना प्रभारी भी मौके पर मौजूद थे।
जानकारी के मुताबिक, DUSU अध्यक्ष आर्यन मान और संयुक्त सचिव दीपिका झा करीब 50 समर्थकों के साथ कॉलेज पहुंचे थे। कॉलेज के अनुशासन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर सुजीत कुमार पर दबाव बनाकर उनसे पद से इस्तीफा दिलवाया गया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें दीपिका झा प्रोफेसर को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रही हैं। घटना की व्यापक निंदा हो रही है।
खबर लिखे जाने तक इस मामले में न तो एफआईआर दर्ज की गई थी और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी।
प्रोफेसर ने बताया पूरी घटना
प्रोफेसर सुजीत कुमार ने बताया कि बुधवार को कॉलेज में छात्रसंघ के विजयी उम्मीदवारों का पदभार ग्रहण समारोह हुआ था। कार्यक्रम के बाद कॉलेज में आयोजित पार्टी के दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष राजवर्धन ने शिकायत की कि एबीवीपी से जुड़े हिमांशु नामक छात्र ने उस पर हमला किया।
प्रोफेसर के अनुसार, जब वे मामले को शांत कराने पहुंचे, तो उनके सामने ही राजवर्धन के साथ फिर मारपीट की गई। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए हिमांशु को निलंबित कर दिया था। इसी प्रकरण पर गुरुवार सुबह अनुशासन समिति की बैठक बुलाई गई थी।
प्रोफेसर सुजीत ने कहा कि “आंबेडकर कॉलेज डीयू के अधीन है, लेकिन DUSU के सीधे नियंत्रण में नहीं आता। यहां केवल कॉलेज स्तर पर छात्रसंघ चुनाव होते हैं।”
उन्होंने बताया कि बैठक के बाद DUSU अध्यक्ष और संयुक्त सचिव दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ स्टाफ रूम में पहुंचे और उन पर अभद्रता करने लगे। मामला बढ़ने पर वे प्राचार्य कक्ष में चले गए, जहां पहले से प्राचार्य, थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी मौजूद थे।
इसी दौरान संयुक्त सचिव दीपिका झा उनके पास आईं और अचानक उन्हें दो थप्पड़ जड़ दिए। प्रोफेसर ने कहा, “मेरा दोष सिर्फ इतना था कि मैंने एक छात्र को पिटने से बचाया। अब सवाल यह है कि मैं उसी कॉलेज में छात्रों को कैसे पढ़ा पाऊंगा।” उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस से न्याय की मांग की है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.