छठ पूजा की तैयारी में जुटी दिल्ली सरकार, यमुना पर पूजा करने की दी अनुमति

नई दिल्ली। आगामी छठ पर्व को लेकर दिल्ली सरकार ने तैयारियों की रूपरेखा जारी की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को यमुना तट पर छठ पूजा करने की अनुमति दी गई है। लंबे समय से जारी इस प्रतिबंध को हटाते हुए सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 17 मॉडल छठ घाटों के निर्माण की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 1,000 से अधिक समितियों ने छठ पूजा कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आवेदन दिए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हैं। 2023 में केवल 929 स्थानों पर ही छठ पर्व मनाया गया था। इस बार हर जिले और उप-जिले में कम से कम एक आदर्श घाट तैयार किया जाएगा।
स्वच्छता, रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था
सरकार ने सभी छठ स्थलों पर टेंट, बिजली, स्वच्छता और शौचालयों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। छठ व्रतियों के स्वागत के लिए भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे और विशेष पुष्पवर्षा की जाएगी। त्योहार के धार्मिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए भोजपुरी और मैथिली भाषाओं में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “हमारा प्रयास है कि श्रद्धालु स्वच्छ और सुरक्षित जल में खड़े होकर सूर्य उपासना कर सकें। सभी आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।”
विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज से पूरे शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। सांसद, विधायक और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों के छठ स्थलों पर जाकर साफ-सफाई की निगरानी करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2021 में यमुना पर पूजा करने वालों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर और मुकदमे मौजूदा सरकार वापस लेगी।
प्रदूषण नियंत्रण पर भी किया दावा
वायु गुणवत्ता के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा, “दिवाली के बाद दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रहा है। पटाखों की अनुमति के बावजूद प्रदूषण का स्तर घटा है, जो हमारी कोशिशों की सफलता को दर्शाता है।”
‘छह महीने में दिखा दिया फर्क’- सिरसा
दिल्ली के मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि “कई सालों तक छठ पूजा के दौरान लोगों को यमुना तट से दूर रखा गया, लेकिन अब हमारी सरकार ने इस परंपरा को फिर से जीवित किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के छह महीने का काम पिछली सरकारों के 25 सालों के बराबर है।”
उन्होंने कहा कि इस वर्ष छठ पर्व दीपावली जितना भव्य मनाया जाएगा। “यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि छठ मैया की पूजा में सरकार का समर्पण है,” सिरसा ने जोड़ा।
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