दिवाली पर दिल्ली के अस्पतालों ने बढ़ाई सतर्कता, 90 बेड इलाज के लिए आरक्षित

दिल्ली के अस्पताल दिवाली पर पटाखों और आग से होने वाली दुर्घटनाओं का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शहर के बर्न विभागों ने अतिरिक्त बेड, एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है।
सफदरजंग अस्पताल के बर्न विभाग ने दिवाली के तीन दिन के त्योहार को ध्यान में रखते हुए 20 बेड गंभीर जलने वालों के लिए आरक्षित किए हैं। इसके अलावा बर्न कैजुअल्टी के लिए 10 अतिरिक्त बेड बढ़ाए गए हैं। आवश्यक दवाइयों, ड्रेसिंग सामग्री, इंजेक्शन, ट्रॉली और एंबुलेंस की भी व्यवस्था पूरी की जा रही है।
अस्पताल के अधिकारी ने बताया कि ऑर्थोपेडिक, एनेस्थीसिया, नेत्र रोग जैसे विशेषज्ञ डॉक्टर 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। ऑपरेशन थिएटर सेवाएं भी पूरी तरह तैयार हैं। बड़ी संख्या में मरीजों को संभालने के लिए अतिरिक्त जगह का प्रबंधन भी किया गया है।
लोकनायक अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रफुल कुमार ने बताया कि बर्न और प्लास्टिक विभाग में कुल 90 बेड उपचार के लिए उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर आपदा वार्ड के 50-60 बेड भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
अस्पताल प्रशासन ने लोगों से दिवाली पर पटाखों के प्रयोग में सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर बच्चों को पटाखों के पास जाने से रोकने और न फूटा पटाखा दोबारा जलाने से बचने की सलाह दी गई है।
पटाखे जलाते समय ध्यान रखें:
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बच्चों पर लगातार निगरानी रखें और उन्हें खुद पटाखे जलाने न दें।
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ढीले कपड़े न पहनें और घर के अंदर या पार्किंग में पटाखे न जलाएं।
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पटाखे जलाने के लिए हमेशा बड़े खुले स्थान का उपयोग करें।
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जलने के बाद पटाखों को पानी में भिगोकर फेंकें।
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पानी, पाइप और प्राथमिक उपचार का बॉक्स पास रखें।
दिल्ली के अस्पतालों की यह तैयारी सुनिश्चित करती है कि दिवाली पर किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर तुरंत और प्रभावी उपचार उपलब्ध हो।
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