दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा की सीट छोड़ी, अब मध्यप्रदेश में सक्रिय राजनीति पर देंगे ध्यान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने आगामी राज्यसभा कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाएंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है और उन्होंने पार्टी नेतृत्व को सूचित कर दिया है कि वे सीट खाली करेंगे। यह कदम उनकी निजी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राज्यसभा छोड़कर संगठन मजबूत करेंगे
दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब उनका राज्यसभा में रहने का समय नहीं है। वे सीधे मध्यप्रदेश में रहकर कांग्रेस संगठन को सक्रिय रूप से मजबूत करना चाहते हैं। सूत्रों के अनुसार, वे प्रदेश भर में छोटे-छोटे कार्यक्रमों, बूथ और ब्लॉक स्तर की बैठकों के माध्यम से पार्टी को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने पर ध्यान देंगे।
भाजपा ने साधा तंज
दिग्विजय के इस फैसले पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने ट्वीट में कहा कि जिस दिन दिग्विजय सिंह ने संघ की तारीफ की, उसी दिन राहुल गांधी ने उनके राज्यसभा अध्याय को समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय के कदम से कांग्रेस में राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
खाली सीट पर कांग्रेस में हलचल
दिग्विजय सिंह के इनकार के बाद उनकी खाली होने वाली राज्यसभा सीट पर कई वरिष्ठ नेताओं की नजर है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन जैसे नाम इस दौड़ में शामिल हैं। पार्टी अब इस सीट को सामाजिक और राजनीतिक समीकरण के हिसाब से भरने की तैयारी कर रही है।
2028 विधानसभा चुनाव तक सक्रिय रहेंगे
दिग्विजय सिंह ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अगले ढाई साल तक पूरी तरह मध्यप्रदेश में सक्रिय रहेंगे और 2028 के विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस की मजबूत जमीनी तैयारी करेंगे।
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