रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह और क्रिकेटर बेटे शशांक सिंह पर मारपीट का केस दर्ज

भोपाल। राजधानी के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित मंडोरी गांव में रहने वाले मध्यप्रदेश पुलिस के सेवानिवृत्त स्पेशल डीजी शैलेष सिंह, उनके क्रिकेटर बेटे शशांक सिंह और एक ड्राइवर के खिलाफ मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप एक रसोइए द्वारा लगाए गए हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने फिलहाल मामला सामान्य धाराओं में दर्ज किया है, जिसके चलते किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
नौकरी के नाम पर काम पर रखे जाने का आरोप
शिकायतकर्ता विपेन्द्र सिंह तोमर, निवासी रीवा, ने पुलिस को बताया कि उसे कुछ सप्ताह पहले परिचित मोहित सिंह सेंगर के माध्यम से भोपाल लाया गया था। इसके बाद उसे मंडोरी गांव में शैलेष सिंह के घर खाना बनाने का काम दिया गया, जहां 15 हजार रुपये मासिक वेतन और रहने-खाने की सुविधा देने की बात कही गई थी।
शिकायत में यह भी आरोप है कि उसे यह भरोसा दिलाया गया था कि भविष्य में उसकी सरकारी नौकरी लगवाई जाएगी।
माहौल ठीक न होने पर छोड़ा काम
फरियादी के अनुसार, शुरुआत में एक अन्य कुक उसे काम सिखा रहा था, लेकिन घर का माहौल तनावपूर्ण था और लगातार गाली-गलौज होती थी। इसी कारण उसने काम करने से मना कर दिया।
आरोप है कि इस पर शैलेष सिंह और उनके बेटे शशांक सिंह नाराज हो गए और उस पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट शुरू कर दी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया और जबरन काम कराया जाने लगा।
कमरे में बंद होने पर फिर पिटाई का आरोप
रसोइए ने आरोप लगाया कि एक दिन उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया, जिसके बाद कथित रूप से शैलेष सिंह, उनके बेटे और ड्राइवर ने मिलकर उसके साथ मारपीट की।
शिकायत के अनुसार, ड्राइवर का नाम मिश्रा बताया गया है, जो इस घटना में शामिल था।
गवाह के रूप में परिचित का नाम
पुलिस के अनुसार, शिकायत में मोहित सिंह सेंगर को गवाह बनाया गया है, जिन्होंने ही फरियादी को शैलेष सिंह के घर काम पर लगवाया था।
थाना पुलिस ने आवेदन की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.