राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष उज्जैन पहुंचे, दान चोरी के सवाल पर साधी चुप्पी

उज्जैन: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज मंगलवार को उज्जैन पहुंचे। यहां उन्होंने महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के षष्ठ दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया, जहां उन्हें ‘महा महोपाध्याय’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया।
महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उज्जैन, जो भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली और महाकाल की पावन नगरी है, वहां उन्हें मिली यह उपाधि उनके लिए महाकाल का प्रसाद है। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा सभी पर बनी रहे और भारत निरंतर प्रगति करे। इस दौरान मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने उनका स्वागत किया।
समारोह के बाद मीडिया से सवाल, जवाब देने से किया परहेज
कालिदास अकादमी के संकुल सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह के बाद जब मीडिया ने स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज से राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित दान चोरी मामले पर सवाल किए, तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने चुप रहने का संकेत देते हुए कुछ भी कहने से परहेज किया और तुरंत वहां से प्रस्थान कर गए।
बताया जा रहा है कि वे सुबह चार्टर्ड विमान से उज्जैन पहुंचे थे और कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सीधे रवाना हो गए।
राज्यपाल की मौजूदगी में हुआ दीक्षांत समारोह
समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने की। इस दौरान कुल 21 विद्यार्थियों को उपाधियां और 42 मेधावी छात्रों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए।
कुल 1303 पात्र विद्यार्थियों में से 179 ने पंजीकरण कराया, जबकि 63 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज को ‘महा महोपाध्याय’ और श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश पांडेय को ‘विद्या वाचस्पति’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
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