बिहार के 6 जिलों में इमरजेंसी मॉक ड्रिल, सायरन बजते ही बंद हुई लाइटें

पटना। राजधानी पटना सहित बिहार के छह जिलों में गुरुवार शाम सिविल डिफेंस द्वारा अचानक ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जैसे ही सायरन बजा, शहर की रफ्तार थम गई—सड़कों पर चल रहे वाहन रुक गए और दुकानों की लाइटें बंद कर दी गईं।
इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति, खासकर हवाई हमले जैसी परिस्थितियों में प्रशासन और आम नागरिकों की तैयारियों की जांच करना था।
सायरन बजते ही लागू हुआ ब्लैकआउट
शाम करीब 6:58 बजे पटना नगर निगम क्षेत्र सहित दानापुर, खगौल और फुलवारी शरीफ समेत 100 से अधिक स्थानों पर सायरन बजाया गया। करीब दो मिनट तक लगातार सायरन के जरिए लोगों को सतर्क किया गया, जिसके बाद 7 बजे से पूरे क्षेत्र में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया।
यह ब्लैकआउट करीब 15 मिनट तक यानी 7:15 बजे तक जारी रहा।
सड़कों पर थम गई रफ्तार
ब्लैकआउट के दौरान राजधानी की प्रमुख सड़कों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। कई स्थानों पर लोग अपने वाहन रोककर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते दिखे, जबकि बाजारों में अंधेरा छा गया।
छह जिलों में एक साथ अभ्यास
पटना के अलावा किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार जिलों में भी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। प्रशासन के अनुसार यह अभ्यास किसी भी आपातकालीन या युद्ध जैसी स्थिति में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।
पहले से थी व्यापक तैयारी
प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल को सफल बनाने के लिए पहले से तैयारियां की थीं और लोगों को जागरूक किया गया था। नागरिकों से अपील की गई थी कि निर्धारित समय पर सभी प्रकार की लाइटें बंद रखें और मोबाइल फ्लैशलाइट का भी उपयोग न करें।
पहले भी हो चुका है ऐसा अभ्यास
सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष भी इसी तरह का ब्लैकआउट अभ्यास किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से आपात स्थिति में प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जनता की सतर्कता दोनों को परखा और बेहतर बनाया जा सकता है।
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