वायनाड भूस्खलन का खौफनाक वीडियो आया सामने, टैंकर और बस मलबे में बहे

HIGHLIGHTS
- केरल के वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं।
- घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें टैंकर, बस और लोग तेज बहाव वाले मलबे की चपेट में आते दिखाई दे रहे हैं।
- भारी बारिश के बाद हुए इस हादसे में बचाव अभियान जारी है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
वायनाड: केरल के वायनाड जिले में हुए भीषण भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि चार अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। विभिन्न एजेंसियां संयुक्त रूप से मलबे में फंसे लोगों को खोजने के अभियान में जुटी हैं।
इस बीच घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भूस्खलन की भयावहता साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में तेज रफ्तार से बहते मलबे और पानी की चपेट में एक टैंकर, एक बस और आसपास मौजूद लोग आते नजर आ रहे हैं। भूस्खलन के कारण भारी वाहन कई सौ मीटर तक खिसक गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई आपबीती
घटना के प्रत्यक्षदर्शी अजमल ने बताया कि शुरुआत में हल्की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोग सतर्क होकर बाहर निकल आए। उन्होंने कहा कि पहले पहाड़ी का छोटा हिस्सा खिसकता दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही पलों में स्थिति गंभीर हो गई और विशाल मात्रा में मलबा नीचे की ओर बहने लगा।
अजमल के अनुसार, उस समय बस स्टॉप पर कई लोग मौजूद थे और कुछ मजदूर भी आसपास काम कर रहे थे। इसी दौरान पुल के दूसरी ओर खड़ा एक टैंकर भूस्खलन की चपेट में आ गया और बहते हुए आगे बढ़ गया। उन्होंने आशंका जताई कि कई लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
घायलों का इलाज जारी, चर्च और मकान को नुकसान
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में घायल हुए 10 लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। भूस्खलन की चपेट में आने से एक चर्च और उसके पास स्थित एक मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, मकान में रहने वाला परिवार उस समय मक्का की तीर्थयात्रा पर गया हुआ था, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। चर्च के भीतर भी घटना के समय कोई मौजूद नहीं था।
भूस्खलन के कारण इलाके को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पुल भी मलबे में दब गया है, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुए हैं।
भारी बारिश बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में लगातार हो रही बारिश को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मेप्पाडी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 226 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक वर्षा के चलते मिट्टी कमजोर हो गई और बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ।
प्रशासन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है। बचाव दलों को आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं, इसलिए तलाशी अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.