शहबाज शरीफ के खामेनेई की तारीफ वाले बयान पर भड़के अमेरिकी सांसद, बोले- फैसले पर सोचें

HIGHLIGHTS
- अमेरिका-ईरान शांति प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है।
- शहबाज शरीफ के खामेनेई की तारीफ वाले बयान के बाद वॉशिंगटन में इस्लामाबाद की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
- अमेरिकी नेताओं का कहना है कि ईरान मुद्दे पर पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अमेरिका में एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की टिप्पणियों के बाद अमेरिकी सांसदों ने इस्लामाबाद की भूमिका पर चिंता जताई है।
फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका को किसी भी कूटनीतिक प्रक्रिया में शामिल देशों की भूमिका और उनके रिकॉर्ड को ध्यान में रखना चाहिए।
स्कॉट ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस देश में लंबे समय तक अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के छिपे रहने जैसी घटनाएं सामने आईं और जहां धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठते रहे हैं, उसे मध्यस्थ की भूमिका देने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की स्थिति मध्यस्थता के लिए उपयुक्त नहीं दिखती।
खामेनेई की तारीफ वाले बयान पर विवाद
अमेरिकी सांसदों की प्रतिक्रिया उस वीडियो के सामने आने के बाद आई, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की प्रशंसा करते नजर आए।
वीडियो में शरीफ ने खामेनेई को एक महान विद्वान और नेता बताते हुए उनके नेतृत्व और योगदान की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान और ईरान के संबंध मजबूत हैं और दोनों देश आगे भी साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
इस बयान के बाद अमेरिका में कई लोगों ने पाकिस्तान के रुख को लेकर सवाल उठाए। फॉक्स न्यूज के कमेंटेटर मार्क लेविन ने भी शरीफ की टिप्पणी की आलोचना करते हुए अमेरिका को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की बात कही।
पहले भी पाकिस्तान की भूमिका पर उठ चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी सांसदों ने अमेरिका-ईरान मुद्दे में पाकिस्तान की संभावित भूमिका पर चिंता जताई है। इससे पहले रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम भी पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाए जाने को लेकर आपत्ति जता चुके हैं।
ग्राहम ने कहा था कि पाकिस्तान के ईरान और इजरायल को लेकर पुराने रुख को देखते हुए उसकी भूमिका पर सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश और सुरक्षा नीतियों को लेकर भी चिंता जाहिर की थी।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। इसी बीच पाकिस्तान की संभावित भूमिका को लेकर अमेरिकी राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
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