नकली गहनों का सौदागर गिरफ्तार, लाखों की ठगी का खेल हुआ बेनकाब

ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो नकली सोने-चांदी के गहनों को असली बताकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठ चुका था। पकड़े गए आरोपी की पहचान पंकज कपूर (निवासी पानीपत, हरियाणा) के रूप में हुई है, जो इन दिनों गाजियाबाद के इंद्रापुरम स्थित साया अपार्टमेंट में रह रहा था।
पुलिस ने उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली आभूषण और अन्य सामान बरामद किया है। इनमें 61 कड़े और कंगन, 71 अंगूठियां, 25 चेन, 26 मंगलसूत्र, आठ ब्रेसलेट, 170 झुमके, चांदीनुमा नोट, मूर्तियां, 13 कटोरियां, दो खड़ाऊं और ₹50,500 नकद शामिल हैं। साथ ही दुकान के पंपलेट और इलेक्ट्रॉनिक टैग मशीन भी मिली है। बरामद सभी आभूषण सिल्वर और पीली धातु के बने नकली सामान निकले।
तीन साल में कई लोगों से ठगी
अधिकारी बताते हैं कि आरोपी पिछले तीन साल से इस धंधे में सक्रिय था और अब तक 10 से अधिक लोगों से लाखों रुपये ठग चुका है। वह नकली गहनों पर स्थानीय बाजार से मुहर लगवाकर उन्हें असली बताकर बेच देता था। कई बार गहनों को गिरवी रखने के नाम पर भी लोगों को धोखा देता था।
मार्च 2025 में उसने पैरामाउंट अपार्टमेंट स्थित दुकान पर एक ग्राहक से नकली चैन गिरवी रखकर 1.30 लाख रुपये लिए और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। अप्रैल 2025 में एक अन्य ग्राहक को 15 लाख रुपये में नकली सोने के बिस्किट और हार बेचकर दुकान बंद कर भाग गया। कुछ समय बाद उसने सेक्टर-142 में नई दुकान खोल ली और फिर से ठगी का सिलसिला शुरू कर दिया।
गैंगस्टर एक्ट में भी वांछित
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपी स्वर्णकार नहीं है और उसके पास न तो कोई लाइसेंस है और न ही जीएसटी पंजीकरण। गाजियाबाद के इंद्रापुरम, लिंक रोड और सूरजपुर थाने में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। गाजियाबाद पुलिस ने उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी। अब तक उसके खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी के 10 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं।
एसीपी बीएस वीर ने बताया कि आरोपी पहले भी जेल जा चुका है और कई मामलों में फरार चल रहा था। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने के लिए ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस ने दी चेतावनी
पुलिस ने जनता से अपील की है कि गहनों या कीमती धातुओं की खरीदारी हमेशा प्रमाणित और रजिस्टर्ड ज्वैलर्स से ही करें। संदिग्ध दुकानों या बिना लाइसेंस वाले कारोबारियों से सौदा करने पर ठगी का शिकार बनने का खतरा रहता है।
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