ब्रिटेन में हरियाणा का कमाल, मां-बेटे बने दो शहरों के मेयर

लंदन/हरियाणा। ब्रिटेन से भारतीय मूल के समुदाय के लिए गर्व बढ़ाने वाली एक अनोखी खबर सामने आई है। हरियाणा के रोहतक से जुड़े एक ही परिवार के मां और बेटे ने एक साथ अलग-अलग शहरों में मेयर पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि ने भारतीय प्रवासी समुदाय में खुशी की लहर पैदा कर दी है।
यह परिवार मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र के रोहना गांव से ताल्लुक रखता है और वर्ष 2013 में ब्रिटेन जाकर बस गया था।
मां-बेटे की ऐतिहासिक जीत
23 वर्षीय तुषार कुमार और उनकी मां परवीन रानी ने ब्रिटेन में स्थानीय निकाय चुनाव जीतकर दो अलग-अलग परिषदों में मेयर पद संभाला है। तुषार कुमार को एल्स्ट्री और बोरहमवुड टाउन काउंसिल का मेयर चुना गया, जबकि उनकी मां परवीन रानी को हर्ट्समेर बरो काउंसिल का मेयर नियुक्त किया गया।
तुषार ब्रिटेन में सबसे कम उम्र के भारतीय मूल के मेयर बनने का रिकॉर्ड भी बना चुके हैं।
पढ़ाई के साथ राजनीति में सफलता
तुषार कुमार जब मात्र 10 वर्ष की उम्र में ब्रिटेन गए थे। वर्तमान में वे लंदन के किंग्स कॉलेज से राजनीति शास्त्र में पढ़ाई कर रहे हैं। महज 20 वर्ष की उम्र में वे पहली बार काउंसलर चुने गए थे।
2023 में उन्होंने लेबर पार्टी के टिकट पर टाउन काउंसिल चुनाव जीता, जिसके बाद 2025 में डिप्टी मेयर बने और अब मेयर पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे जल्द ही मास्टर डिग्री की पढ़ाई भी शुरू करने वाले हैं।
समाज सेवा और संस्कृति से जुड़ाव
तुषार कुमार और उनकी मां परवीन रानी दोनों लंबे समय से समाज सेवा से जुड़े हुए हैं। परवीन रानी पहले डिप्टी मेयर और कैबिनेट सदस्य के रूप में भी काम कर चुकी हैं।
यह परिवार ब्रिटेन में रहने के बावजूद अपनी भारतीय जड़ों से जुड़ा हुआ है और हर साल भारत आता है। वे प्रवासी भारतीय बच्चों को मुफ्त में हिंदी सिखाने का काम भी करते हैं।
तुषार 'हिंदी शिक्षा परिषद' से भी जुड़े हैं और उनका मानना है कि युवाओं को समाज सेवा के लिए किसी उम्र का इंतजार नहीं करना चाहिए।
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