INDIA ब्लॉक की बैठक में 5 बिंदुओं पर बनी सहमति, हर दो महीने होगी बैठक

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सोमवार को INDIA ब्लॉक की अहम बैठक हुई, जिसमें विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी साझा रणनीति को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। बैठक में 25 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि DMK और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसमें हिस्सा नहीं लिया।
बैठक में महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक स्थिति, किसानों की समस्याओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई। इस दौरान कई प्रस्तावों पर सहमति बनी, जिनमें प्रमुख रूप से SIR मुद्दे पर CJI को पत्र लिखने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और आर्थिक हालात पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग शामिल है। इसके अलावा तय किया गया कि गठबंधन की बैठक हर दो महीने में होगी और अगली बैठक हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
संसद के दौरान विपक्षी दलों की समन्वय बैठकें रोजाना नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में करने पर भी सहमति बनी है।
बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष ने हाल के संसद सत्र में एकजुटता दिखाते हुए कई विवादित विधेयकों को आगे बढ़ने से रोका है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में संविधान पर हमले हो रहे हैं, जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है और गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। खरगे ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जनता प्रभावित हो रही है, इसलिए विपक्षी एकता को और मजबूत करने की जरूरत है।
बैठक से दूरी बनाए रखने को लेकर भी चर्चा रही। सपा सांसद राजीव राय ने कहा कि बड़े लक्ष्य के लिए छोटे मतभेदों को दूर करना जरूरी है और कांग्रेस को सहयोगी दलों से बातचीत करनी चाहिए, खासकर DMK जैसे दलों से संवाद बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुटता आवश्यक है।
वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कुछ दल इस बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन वे विपक्षी गठबंधन के साझा रुख का समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि INDIA ब्लॉक सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट है और आगे भी समन्वय के साथ काम करता रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक को आगामी चुनावों और संसद सत्रों को ध्यान में रखते हुए विपक्षी एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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