ब्रसेल्स दौरे के बाद बोले पीयूष गोयल: भारत-ईयू एफटीए दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभकारी

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को ब्रसेल्स की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने यूरोपीय संघ के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस शेफकोविक के साथ भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर विस्तृत और सार्थक चर्चा की। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में कई लंबित मुद्दों पर सहमति बनी और एक नया सहयोगात्मक ढांचा तैयार किया गया, जो द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा देगा।
गोयल ने अपनी यात्रा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “ब्रसेल्स में मेरी यात्रा बेहद उपयोगी रही। ईयू के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त शेफकोविक के साथ भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर गहन और उत्पादक चर्चा हुई। इस वार्ता में हमारे अधिकांश लंबित विषय सुलझ गए हैं और हमने ऐसा ढांचा तैयार किया है जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभदायक रहेगा।”
वाणिज्य मंत्री ने आगे कहा कि इन चर्चाओं ने मजबूत और संतुलित समझौते की नींव रखी है, जिससे दोनों पक्षों के व्यापारिक हितों को बल मिलेगा और आर्थिक विकास की नई संभावनाएं उत्पन्न होंगी। उन्होंने इस समझौते को शीघ्र साकार करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की साझा समृद्धि की दृष्टि को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह समृद्धि नवाचार, निवेश, व्यापार और रोजगार सृजन के माध्यम से हासिल की जाएगी।
ब्रसेल्स पहुंचने से पहले पीयूष गोयल ने जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वेडफुल से भी मुलाकात की थी। बैठक में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर सहयोग बढ़ाने और भारत-जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। गोयल ने इस मुलाकात को “पारस्परिक हितों और विकास के प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित” बताया और कहा कि इससे एफटीए के शीघ्र निष्कर्ष की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है।
विश्लेषकों के अनुसार, ब्रसेल्स में हुई यह वार्ता भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति दे सकती है और दोनों पक्षों के लिए विन-विन स्थिति तैयार करेगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.