लाहौर: 8 बच्चों को छोड़ दूसरे पति संग चली गई मां, कोर्ट के बाहर रोती-बिलखती रहीं बेटियां

HIGHLIGHTS
- पाकिस्तान के लाहौर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया।
- लाहौर हाई कोर्ट के बाहर एक महिला अपनी आठ बेटियों को छोड़कर अपने नए पति के साथ चली गई, जबकि बच्चियां रो-रोकर मां को रोकने की कोशिश करती रहीं।
- जानकारी के अनुसार, शबनम बीबी को लाहौर हाई कोर्ट से अपने नए पति गुलाम हुसैन के साथ रहने की अनुमति मिल गई थी।
- फैसले के बाद जब वह अदालत परिसर से बाहर निकलीं, तो उनकी बेटियां उनसे लिपटकर रोने लगीं, लेकिन मां ने बिना रुके आगे बढ़ना चुना।
- मामले में बताया गया है कि गुलाम हुस…
पाकिस्तान के लाहौर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। लाहौर हाई कोर्ट के बाहर एक महिला अपनी आठ बेटियों को छोड़कर अपने नए पति के साथ चली गई, जबकि बच्चियां रो-रोकर मां को रोकने की कोशिश करती रहीं।
जानकारी के अनुसार, शबनम बीबी को लाहौर हाई कोर्ट से अपने नए पति गुलाम हुसैन के साथ रहने की अनुमति मिल गई थी। फैसले के बाद जब वह अदालत परिसर से बाहर निकलीं, तो उनकी बेटियां उनसे लिपटकर रोने लगीं, लेकिन मां ने बिना रुके आगे बढ़ना चुना।
मामले में बताया गया है कि गुलाम हुसैन ने अदालत में याचिका दायर कर अपनी पत्नी को कथित रूप से पूर्व परिवार की “अवैध हिरासत” से मुक्त करने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान शबनम ने भी बयान दिया कि उन्होंने पुनर्विवाह कर लिया है और अब वे अपने नए पति के साथ रहना चाहती हैं। अदालत ने दोनों की सहमति को मानते हुए उनके साथ रहने की अनुमति दे दी।
फैसले के बाद जैसे ही शबनम कोर्ट से बाहर आईं, उनकी आठ बेटियां उनके पैरों में गिरकर उन्हें रोकने की कोशिश करती रहीं। एक बेटी ने यह भी आरोप लगाया कि मां ने अदालत में उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया।
बच्चियों ने बार-बार अपनी मां से घर लौटने की गुहार लगाई, लेकिन शबनम अपने नए साथी के साथ वहां से चली गईं। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छोटी बेटी जोर-जोर से रोती और मां के पीछे दौड़ती दिखाई दे रही है।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए हैं, जिसके बाद लोगों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई यूजर्स ने इसे भावनात्मक और मानवीय दृष्टि से बेहद दुखद बताया है।
फिलहाल बेटियां अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं, जबकि अदालत के फैसले ने कानूनी रूप से शबनम को नया जीवन शुरू करने की अनुमति दे दी है। हालांकि यह मामला सामाजिक और नैतिक स्तर पर लगातार बहस का विषय बना हुआ है।
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