ईडी की बड़ी कार्रवाई: मनी लॉन्ड्रिंग केस में हरप्रीत तलवार गिरफ्तार

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मादक पदार्थों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली निवासी हरप्रीत सिंह तलवार को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 24 और 25 जून को राष्ट्रीय राजधानी में छह अलग-अलग ठिकानों पर की गई तलाशी के बाद की गई।
ईडी की जांच 13 सितंबर 2021 को मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 3000 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी से जुड़े मामले से संबंधित है। एजेंसी के अनुसार, तलवार को 24 जून को गिरफ्तार किया गया और बाद में विशेष अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की गई। इससे पहले अगस्त 2022 में इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी तलवार को गिरफ्तार कर चुकी है।
तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने तलवार के आवास, कार्यालय और उससे जुड़े कर्मचारियों व व्यापारिक सहयोगियों के ठिकानों पर भी जांच की। एजेंसी का कहना है कि तलवार इस पूरे नेटवर्क में एक प्रमुख भूमिका में था।
एनआईए द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। यह मामला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से संचालित हो रहा था, जिसमें पाकिस्तानी आईएसआई से जुड़े तत्वों की भूमिका भी बताई गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगियों ने अर्ध-प्रसंस्कृत टैल्क की आड़ में हेरोइन की तस्करी की साजिश रची। इस अवैध कारोबार से प्राप्त करीब 74 करोड़ रुपये हवाला चैनलों के जरिए विदेश भेजे गए और कथित तौर पर आतंक से जुड़े नेटवर्क में इस्तेमाल किए गए।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध गतिविधि के बदले तलवार को नकद भुगतान के साथ-साथ विदेशी सामान जैसे सूखे मेवे, खजूर और इत्र आदि भी प्राप्त हुए। अनुमान है कि उसने इस पूरे नेटवर्क से करीब 1.65 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की।
एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने अपने कर्मचारियों और सहयोगियों के नाम पर कई कंपनियां बनाई थीं और दिल्ली के कई नाइट क्लबों में निवेश किया था। इनमें प्लेबॉय क्लब, व्हाइट क्लब, आरएसवीपी नाइट क्लब, जसबा लाउंज, वेलवेट रूम और लिट लाउंज जैसे नाम शामिल हैं।
जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने अपनी कंपनियों की हिस्सेदारी कुछ सहयोगियों को हस्तांतरित कर दी, जिन्होंने आगे चलकर दिल्ली के प्रमुख होटलों में स्थित नाइट क्लबों में निवेश जारी रखा। ईडी ने तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं और मामले की आगे जांच जारी है।
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