मठाधीश पारस महाराज की मौत, पानी के टांके में मिला शव

बाड़मेर: जिले के झांक गांव में स्थित एक पुराने मठ में गुरुवार को मठाधीश महंत पारस महाराज का शव पानी के टांके में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, झांक मठ में गुरुवार सुबह कुछ श्रद्धालु पानी निकाल रहे थे, तभी उन्हें टांके में महंत का शव तैरता दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मठ के पास इकट्ठा हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलने के बाद नागाणा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मुआयना शुरू किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही FSL और MOB टीम को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रारंभिक जानकारी और आशंका
पुलिस ने बताया कि महंत पारस महाराज मानसिक बीमारी का इलाज करा रहे थे। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस हर पहलू पर ध्यान देते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।
महंत पारस महाराज का जीवन और योगदान
स्थानीय लोगों के अनुसार, झांक मठ क्षेत्र का यह मठ काफी पुराना और प्रसिद्ध है। पारस महाराज इस मठ के 12वें मठाधीश थे और लगभग 30 वर्षों से मठ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने मठ और गौशाला के विकास के लिए कई कार्य किए। गौसेवा, धर्म और सामाजिक कार्यों में उनके योगदान के कारण उन्हें क्षेत्र में विशेष सम्मान और श्रद्धा की दृष्टि से देखा जाता था।
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