दिल्ली की सड़कों पर बढ़ते जाम से परेशान लोग, पुलिस कमिश्नर ने थानों को दिए आदेश

त्योहारी सीजन में दिल्ली की सड़कों पर लगातार बढ़ रहे जाम ने आखिरकार दिल्ली पुलिस आयुक्त का ध्यान खींच लिया है। पिछले तीन दिनों से राजधानी में जगह-जगह घंटों तक लग रहे ट्रैफिक जाम की शिकायतें शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा तक पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने सभी स्थानीय पुलिस थानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रैफिक पुलिस की मदद करते हुए जाम खोलने में तत्काल सहयोग करें।
पुलिस आयुक्त ने आदेश में यह भी कहा है कि ऐसी जगहों पर पुलिस पिकेट न लगाई जाए, जहां से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती हो। फिलहाल इस व्यवस्था को त्योहारी भीड़ के मद्देनजर अस्थायी रूप से लागू किया गया है, लेकिन इसके सकारात्मक परिणाम मिलने पर इसे आगे भी जारी रखने की योजना है।
बीते कुछ दिनों में दिल्ली में बढ़ते आवागमन, वीआईपी मूवमेंट और शहर में आयोजित कई कार्यक्रमों के कारण लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है। आधे घंटे का सफर दो से ढाई घंटे में पूरा हो रहा है और कई सड़कों पर वाहनों की दो से तीन किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं।
एक वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारी ने बताया कि जहां भी जाम की स्थिति बनती है, वहां ट्रैफिक पुलिस तुरंत पहुंचकर स्थिति सामान्य करने की कोशिश करती है। हालांकि, कई जगहों पर स्थानीय पुलिस का सहयोग न मिलने से समस्या बढ़ जाती है। चाणक्यपुरी थाना क्षेत्र और तीन मूर्ति चौक जैसे इलाकों में पिछले दिनों गंभीर जाम की स्थिति बनी रही, लेकिन स्थानीय पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखी।
ट्रैफिक पुलिस के पास वर्तमान में लगभग 4500 कर्मी हैं, जिससे पूरे शहर का ट्रैफिक संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने सभी विशेष पुलिस आयुक्तों को आदेश दिया कि स्थानीय पुलिस को सक्रिय रूप से ट्रैफिक नियंत्रण में लगाया जाए। आदेश जारी होने के बाद सभी जिला प्रमुखों के साथ ऑनलाइन बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) अजय चौधरी ने कहा, “पुलिस आयुक्त ने स्थानीय पुलिस को ट्रैफिक जाम खुलवाने में मदद करने के निर्देश दिए हैं। इससे यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही निर्देश दिया गया है कि ऐसी जगह पिकेट न लगाई जाए, जहां से जाम की स्थिति बनती हो।”
विशेष पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर जोन-1) रविंद्र यादव ने बताया, “यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी रूप से लागू की गई है। यदि इसका प्रभाव सकारात्मक रहा तो इसे स्थायी रूप से लागू किया जाएगा। पुलिस आयुक्त का यह कदम बेहद सराहनीय है।”
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