यूरोप में भीषण हीटवेव का कहर, फ्रांस में 55 मौतें, जर्मनी में सड़कें फटीं

HIGHLIGHTS
- यूरोप के कई देशों में भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
- ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रिया और सर्बिया समेत बड़े हिस्सों में हीटवेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है।
- तेज तापमान के कारण कई जगह हालात सामान्य नहीं रह गए हैं और जनहानि तथा नुकसान की घटनाएं भी सामने आई हैं।
- फ्रांस में अब तक गर्मी से 55 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
- वहीं जर्मनी में अत्यधिक तापमान के चलते सड़कें जगह-जगह से फट गईं, जिससे ए2 मोटरवे पर करीब 30 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और दो लोग घायल हुए।
- सुरक्षा के च…
पेरिस। यूरोप के कई देशों में भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रिया और सर्बिया समेत बड़े हिस्सों में हीटवेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज तापमान के कारण कई जगह हालात सामान्य नहीं रह गए हैं और जनहानि तथा नुकसान की घटनाएं भी सामने आई हैं।
फ्रांस में अब तक गर्मी से 55 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। वहीं जर्मनी में अत्यधिक तापमान के चलते सड़कें जगह-जगह से फट गईं, जिससे ए2 मोटरवे पर करीब 30 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और दो लोग घायल हुए। सुरक्षा के चलते इस हाईवे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह यूरोप में अब तक की सबसे गंभीर हीटवेव में से एक है। मंगलवार और बुधवार को फ्रांस में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जहां कई क्षेत्रों में पारा 39 से 43 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। ब्रिटेन में भी जून का सबसे गर्म दिन रहा, जब तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसी तरह स्पेन, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड में भी कई स्थानों पर जून महीने के तापमान रिकॉर्ड टूट गए।
गर्मी का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव आयोजनों और सार्वजनिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। पेरिस में सालिडेज म्यूजिक फेस्टिवल सहित कई बड़े कार्यक्रम रद्द करने पड़े हैं, जबकि कई सांस्कृतिक स्थलों को भी बंद करना पड़ा है।
ब्रिटेन के मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए हीट अलर्ट जारी किया है, जिसे लगातार तीसरे दिन भी बढ़ाया गया है। यह पहली बार है जब इतनी लंबी अवधि के लिए चेतावनी जारी की गई है। नीदरलैंड में तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की आशंका के चलते कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि सर्बिया में एंबर अलर्ट जारी किया गया है।
इसी बीच, लोगों की सुविधा के लिए पंखों और एयर कंडीशनर की मांग में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों में कूलिंग उपकरणों की बिक्री तेजी से बढ़ी है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार वहां अभी भी केवल लगभग 20 प्रतिशत घरों में ही एयर कंडीशनिंग की सुविधा उपलब्ध है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस भीषण गर्मी के पीछे ‘ओमेगा ब्लॉक’ नाम का मौसमीय पैटर्न जिम्मेदार है, जो गर्म हवाओं को लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में रोक देता है। जलवायु वैज्ञानिकों के अनुसार, यह हीटवेव कई क्षेत्रों में अब तक दर्ज सबसे तीव्र और खतरनाक गर्मी की घटनाओं में से एक बन गई है।
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