अयोध्या में बहुचर्चित 240 फीट के रावण के दहन पर लगा प्रतिबंध

अयोध्या: पिछले सात वर्षों से अयोध्या में भव्य रामलीला का आयोजन हो रहा है, जिसमें बॉलीवुड सितारे भी रामायण के किरदारों में नजर आते हैं। इस साल भी नया घाट स्थित राम कथा पार्क में रामलीला का मंचन जारी है। रामलीला के अध्यक्ष सुभाष मलिक बॉबी ने बताया कि इसमें कई जानी-मानी हस्तियां अभिनय करती रही हैं और आगे भी करती रहेंगी।
हालांकि, इस बार रामलीला में दिल्ली की कुतुबमीनार (238 फीट) से ऊंचे 240 फीट के रावण पुतले का दहन मुख्य आकर्षण होना था। इसके साथ मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले और सोने की लंका का दहन भी शामिल था। लेकिन जिला प्रशासन ने इस पूरे कार्यक्रम पर अनुमति नहीं दी है।
अध्यक्ष ने पीएम और सीएम से मदद मांगी
सुभाष मलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रशासन ने रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ और सोने की लंका के दहन पर रोक लगा दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई कि इस साल का रावण दहन अयोध्या की रामलीला का मुख्य आकर्षण है।
पुलिस ने कलाकारों को चेताया
अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक द्वारा तय 2 अक्टूबर के रावण दहन कार्यक्रम के मद्देनजर, पुलिस ने 28 सितंबर की रात रामलीला के कुछ कलाकारों को बुलाकर बिना अनुमति अग्नि से संबंधित किसी भी कार्य न करने की चेतावनी दी। सुभाष मलिक ने कहा कि मोदी और योगी के राज में भी रावण दहन पर रोक लगाई जा रही है।
प्रशासन का जवाब
अयोध्या जिला प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होना है और किसी नई परंपरा को अनुमति नहीं दी जा सकती। केवल पहले से चली आ रही परंपराओं की अनुमति दी जाएगी।
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