ट्रंप-शी जिनपिंग मुलाकात के बाद व्यापार और निवेश पर सहमति, व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान

अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। व्हाइट हाउस ने हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए उच्च स्तरीय संवाद और समझौतों की जानकारी सार्वजनिक की है। यह बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping की हालिया मुलाकात के बाद हुई, जिसके बाद एक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया गया।
इस बयान में व्यापार, निवेश और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति बनने का दावा किया गया है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि पूरे आधिकारिक दस्तावेज में ताइवान का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कदम
व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नए संस्थागत ढांचे तैयार करने पर सहमति जताई है। इसके तहत दो प्रमुख मंचों के गठन की बात सामने आई है। इनमें “यूएस-चाइना बोर्ड ऑफ ट्रेड” और “यूएस-चाइना बोर्ड ऑफ इंवेस्टमेंट” शामिल हैं।
इन मंचों का उद्देश्य व्यापार और निवेश से जुड़े फैसलों को अधिक प्रभावी और तेज़ बनाना बताया गया है। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में स्थिरता और मजबूती आएगी।
अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाने पर चीन का रुख
रिपोर्ट के अनुसार, इस बातचीत में चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद बढ़ाने में रुचि दिखाई है। इसके साथ ही ऊर्जा संसाधनों और विमानन क्षेत्र से जुड़े उत्पादों के आयात में भी वृद्धि की संभावना जताई गई है।
दोनों देशों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही यह सहमति बनी कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए।
ईरान और समुद्री सुरक्षा पर भी चर्चा
इस उच्च स्तरीय बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति और ईरान से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर दोनों पक्षों ने चिंता व्यक्त की।
दोनों देशों ने माना कि यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां स्थिरता बनाए रखना अंतरराष्ट्रीय हित में है।
ताइवान मुद्दे पर चुप्पी बनी चर्चा का विषय
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा ध्यान ताइवान से जुड़े मुद्दे पर गया है। सूत्रों के अनुसार, निजी बातचीत में चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने ताइवान को लेकर सख्त रुख दोहराया, लेकिन व्हाइट हाउस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में इस विषय को शामिल नहीं किया गया।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी पक्ष ने संभवतः रणनीतिक कारणों से ताइवान मुद्दे को सार्वजनिक बयान से अलग रखा है, ताकि कूटनीतिक संतुलन बनाए रखा जा सके।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.