उत्तराखंड कैबिनेट: कैशलैस इलाज के लिए बढ़ेगा अशंदान, कैबिनेट में आए 11 प्रस्ताव, ये हुए फैसले

देहरादून। उत्तराखंड कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में 11 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक में उपनल कर्मचारियों के समान कार्य के लिए समान वेतन के मामले को मंत्रिमंडल उपसमिति को भेजने का फैसला भी किया गया।
मुख्य निर्णय:
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वित्त: नेचुरल गैस पर वैट दर 20% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव मंजूर।
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कृषि: धराली और आसपास के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में रॉयल डिलिशियस सेब का मूल्य 51 रुपये प्रति किलो और रेड डेलिशियस सेब 45 रुपये प्रति किलो तय।
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संस्कृति: कलाकार और लेखकों की मासिक पेंशन 3000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये की गई।
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आवास: केंद्र के निर्देशानुसार निम्न जोखिम वाले और छोटे व्यावसायिक भवनों के नक्शे एम्पनल्ड आर्किटेक्ट से पास कराए जा सकेंगे।
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औद्योगिक विकास: एमएसएमई और इंडस्ट्री यूनिट की ग्राउंड कवरेज बढ़ाई गई।
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बांस एवं रेशा विकास परिषद: तकनीकी स्टाफ को उपनल के बजाय आउटसोर्सिंग से नियुक्त करने का प्रावधान, 13 पद कॉन्ट्रैक्ट या आउटसोर्सिंग से होंगे।
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आयुष्मान और अटल आयुष्मान योजना: 100% इन्श्योरेंस मोड में संचालित, गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोड में; पांच लाख से कम के क्लेम इन्श्योरेंस से और पांच लाख से अधिक ट्रस्ट मोड से भुगतान होंगे। कर्मचारियों का अंशदान महंगाई के अनुसार 250 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये किया गया।
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पेंशन और स्वास्थ्य: सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के वर्क चार्ज एम्प्लाइज को पेंशन। दुर्गम व अति दुर्गम क्षेत्रों में काम करने वाले करीब 300 विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता।
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चिकित्सा शिक्षा: प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की सेवा अवधि 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष। सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए नए विभाग बनाए गए। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट, हल्द्वानी में 4 नए पद।
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समान कार्य, समान वेतन: श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 277 कर्मचारियों के मामले को मंत्रिमंडल उपसमिति को भेजा।
इस बैठक में राज्य के वित्तीय, कृषि, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जो कर्मचारियों और आम जनता दोनों के लिए राहतकारी साबित होंगे।
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