नई दिल्ली: आज गुरुवार, 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यह नौ दिन मां दुर्गा की उपासना, साधना और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। इस दौरान भक्त मां के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और हर दिन का अपना अलग आध्यात्मिक महत्व होता है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवी शक्ति को सृष्टि की रचना, पालन और संहार की अधिष्ठात्री माना गया है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां के विभिन्न रूपों की आराधना से भक्तों की अलग-अलग मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।

नवरात्रि का पहला दिन और कलश स्थापना

नवरात्रि के पहले दिन यानी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर घरों और मंदिरों में कलश स्थापना की जाती है। इसी दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। यह दिन पूरे नौ दिनों की साधना की शुरुआत का प्रतीक होता है और इसे आस्था व संकल्प का दिन माना जाता है।

मां शैलपुत्री का स्वरूप और महत्व

मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। उनका वाहन वृषभ (बैल) है। उनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल होता है।
नवदुर्गाओं में उनका स्थान सबसे पहला है। मान्यता है कि उनकी पूजा से मूलाधार चक्र सक्रिय होता है, जिससे साधक को मानसिक स्थिरता और आत्मबल प्राप्त होता है।

पूजा विधि

पहले दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें।
इसके बाद विधिपूर्वक कलश स्थापना करें और मां शैलपुत्री की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
पूजा में रोली, अक्षत, फूल और सुगंधित पुष्प अर्पित करें।
माता को सफेद वस्त्र और घी का दीपक अर्पित करना शुभ माना जाता है।
भोग के रूप में घी या घी से बने प्रसाद चढ़ाएं।
पूजन के दौरान “ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः” मंत्र का जप करें और अंत में आरती कर मनोकामना करें।

पूजा का लाभ और प्रभाव

मां शैलपुत्री की भक्ति से जीवन में संतुलन, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रद्धा के साथ की गई पूजा से भक्तों की इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में नई ऊर्जा का अनुभव होता है।

मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर महसूस कर रहा हो या आत्मविश्वास की कमी हो, तो मां शैलपुत्री की आराधना विशेष लाभ देती है। उनकी कृपा से साहस, धैर्य और आत्मबल में वृद्धि होती है, जिससे व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होता है।