मुजफ्फरनगर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में प्रधान लिपिक अशोक कुमार ने बीएसए संदीप कुमार के खिलाफ धरना शुरू कर दिया है। अशोक कुमार उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष भी हैं।
वेतन रोकने और उत्पीड़न के आरोप
धरने पर बैठे अशोक कुमार ने बीएसए संदीप कुमार पर उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, वेतन रोकने और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करीब एक वर्ष से उनका वेतन जानबूझकर रोका जा रहा है और मांग करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

स्थानांतरण विवाद और परिषद का आदेश
अशोक कुमार के अनुसार, 25 जून 2025 को बीएसए द्वारा नियमों के विरुद्ध उनका स्थानांतरण विकास खंड कार्यालय में कर दिया गया था। इस आदेश को बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के समक्ष चुनौती दी गई, जहां 30 अक्टूबर 2025 को परिषद सचिव ने इसे अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया।
कार्यालय में प्रवेश और कक्ष विवाद
प्रधान लिपिक का आरोप है कि उन्हें कार्यालय में बैठने से रोका जा रहा है और उनके कक्ष पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में उनके कमरे का ताला तोड़कर नया ताला लगवा दिया गया तथा कर्मचारी संगठन के बैनर भी कार्यालय परिसर से हटा दिए गए।
धरना और शिकायत
इन सभी घटनाओं के विरोध में अशोक कुमार ने कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है। उनकी मांग है कि रोका गया वेतन तत्काल जारी किया जाए और शासनादेश के अनुसार हर 15 दिन में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक सुनिश्चित की जाए।
BSA का पक्ष
वहीं बीएसए संदीप चौहान का कहना है कि अशोक कुमार दबाव बनाने के लिए बार-बार धरने पर बैठते हैं। उनके खिलाफ पत्रावलियों को गायब करने के आरोप में मुकदमा दर्ज है और जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अशोक कुमार कार्यालय के कार्यों में सहयोग नहीं करते हैं।