देशभर में मौसम का रुख तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में जहां भीषण गर्मी और लू का असर जारी है, वहीं कुछ राज्यों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक ने मौसम को राहतभरा बना दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में अरब सागर, बंगाल की खाड़ी तथा पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना है। इसी बीच पश्चिम बंगाल के कोलकाता और आसपास के जिलों में शुक्रवार को अचानक मौसम ने करवट ली, जहां तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई और दिन में ही अंधेरा छा गया।
किन राज्यों में मौसम को लेकर अलर्ट?
भारतीय मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। बिहार में हवाओं की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में धूल भरी आंधी की आशंका जताई गई है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना भी बनी हुई है, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में स्थिति
दक्षिण भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। केरल और लक्षद्वीप में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर पूर्वोत्तर राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा—में भी लगातार बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा भी बताया गया है।
उत्तर भारत को मिलेगी राहत या नहीं?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों के भीतर तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना रह सकता है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। अधिकारियों ने खराब मौसम में घरों के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
कोलकाता और दक्षिण बंगाल में अचानक बदला मौसम
कोलकाता, हावड़ा, हुगली और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर अचानक घने बादल छा गए, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। साल्ट लेक, एस्प्लेनेड, जादवपुर और बारानगर जैसे इलाकों में लगातार कई घंटों तक बारिश होती रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण होर्डिंग और अस्थायी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए और सड़कों पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण अगले कुछ दिनों तक इस तरह का मौसम बना रह सकता है।
मछुआरों और नागरिकों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु तट और श्रीलंका के आसपास समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। इसके अलावा गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की गई है। प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।