घर की सफाई में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों को लेकर एक ज्योतिषीय दृष्टिकोण सामने आया है। प्रसिद्ध ज्योतिषी जमना प्रसाद ने कहा है कि कई लोग आज भी घर में पोछा लगाने के लिए पुराने या फटे कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन परंपरागत और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह सही नहीं माना जाता।
जमना प्रसाद के अनुसार, स्वच्छता केवल भौतिक साफ-सफाई नहीं बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और शांति से भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि घर की सफाई में उपयोग होने वाली वस्तुओं पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि उनका प्रभाव वातावरण और जीवन पर पड़ सकता है।
ग्रहों के प्रभाव का किया उल्लेख
उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा, शुक्र और सूर्य को घर की स्वच्छता और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना गया है। चंद्रमा मन की शांति, भावनात्मक संतुलन और धैर्य का प्रतीक है, जबकि शुक्र को सुख-सुविधा, सौंदर्य और भौतिक समृद्धि का कारक माना जाता है। सूर्य को स्वास्थ्य और ऊर्जा का स्रोत बताया गया है।
पुराने कपड़ों के उपयोग से जुड़ी मान्यता
ज्योतिषी का कहना है कि पुराने, फटे या गंदे कपड़ों से सफाई करने पर नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। इससे घर के माहौल पर असर पड़ने और मानसिक अस्थिरता, पारिवारिक तनाव तथा आपसी मतभेद जैसी स्थितियां उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि राहु ग्रह को फटे कपड़ों का कारक माना जाता है, जिससे क्रोध, अस्थिरता और आकस्मिक घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है।
सफाई के समय को लेकर सलाह
जमना प्रसाद ने सलाह दी कि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय घर की सफाई करने से बचना चाहिए। उनका कहना है कि इस समय सफाई करने से सूर्य के प्रभाव पर असर पड़ सकता है, जिसे स्वास्थ्य और ऊर्जा से जोड़ा जाता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, घर की सफाई के लिए साफ और उचित साधनों का उपयोग करना बेहतर माना गया है, जिससे सकारात्मक माहौल और मानसिक शांति बनी रहती है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र, धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. दैनिक देहात इसकी पुष्टि नहीं करता है.