मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा को पत्र लिखकर अपनी आशंकाओं से अवगत कराया है।

न्यायाधीश दिवाकर ने पत्र में बताया है कि उन्हें पूर्व में संवेदनशील मामलों की सुनवाई के दौरान कई गंभीर धमकियां मिल चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से वाराणसी में तैनाती के दौरान शृंगार गौरी एवं ज्ञानवापी परिसर से जुड़े मामले का उल्लेख किया, जिसकी सुनवाई के दौरान उन्हें कथित तौर पर आतंकवादी संगठनों की ओर से धमकियां प्राप्त हुई थीं।

सुरक्षा व्यवस्था में कमी पर जताई चिंता

पत्र में न्यायाधीश ने कहा कि वर्तमान में मुजफ्फरनगर में उन्हें उपलब्ध कराई गई सुरक्षा उनके पद और परिस्थितियों के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि पूर्व में बरेली में तैनाती के दौरान उन्हें दो निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) के साथ आवासीय सुरक्षा गारद भी उपलब्ध कराई गई थी, जबकि वर्तमान तैनाती में केवल दो पीएसओ ही तैनात हैं।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2022 में हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद उन्हें विशेष सुरक्षा प्रदान की गई थी, जो अब भी जारी रहनी चाहिए।

वाराणसी तैनाती के दौरान मिली थीं धमकियां

न्यायाधीश दिवाकर के अनुसार, जून 2022 में उन्हें एक संगठन की ओर से धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ था। उस पत्र में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि बाद में मिली अन्य धमकियों की भाषा और शैली भी काफी हद तक समान थी।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई का दिया हवाला

अपने पत्र में न्यायाधीश ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में गिरफ्तार किए गए दो संदिग्ध आतंकवादियों की जांच के दौरान उनके संबंध में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और धमकी भरे संदेश सामने आए थे।

पत्र के अनुसार, एक आरोपी ने सोशल मीडिया मंच पर न्यायाधीश की तस्वीर साझा कर अभद्र टिप्पणी की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। इस घटना को भी उन्होंने अपनी सुरक्षा संबंधी चिंता का आधार बताया है।

हाल के फैसलों से भी चर्चा में रहे

न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर हाल के महीनों में कई चर्चित मामलों में दिए गए फैसलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। बीते लगभग 80 दिनों के दौरान उन्होंने विभिन्न हत्या मामलों में नौ दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इनमें अधिवक्ता समीर सैफी हत्याकांड समेत कई चर्चित मामले शामिल हैं।

एसएसपी बोले- पत्र प्राप्त नहीं हुआ

इस पूरे मामले पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि उनके पास अभी तक न्यायाधीश की ओर से ऐसा कोई पत्र आधिकारिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत पहले से ही पुलिस लाइन से तीन पुलिसकर्मियों की गारद और एक गनर उपलब्ध कराया जा चुका है।