लखनऊ। पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां से जुड़े जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन आयकर विभाग ने रद्द कर दिया है। विभाग की ओर से ट्रस्ट को कई बार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2023 में जौहर ट्रस्ट के ठिकानों पर हुई आयकर छापेमारी के बाद सामने आई अनियमितताओं की विस्तृत जांच की गई थी। जांच में ट्रस्ट की गतिविधियों और वित्तीय रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जो पंजीकरण की शर्तों के विपरीत मानी गईं।
लखनऊ स्थित केंद्रीय सर्किल के प्रधान आयुक्त (केंद्रीय) गौरव बॉथम की ओर से ट्रस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर मंगलवार तक जवाब देने को कहा गया था। तय समय तक कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर बुधवार को ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया।
विभाग ने जांच के दौरान जब्त दस्तावेजों, लेखा-पुस्तकों और अन्य रिकॉर्ड का परीक्षण किया, जिसमें कई स्तरों पर अनियमितताओं के संकेत मिले। इसके अलावा राज्य सरकार की कार्रवाई, न्यायालयों की टिप्पणियों और पूर्व में दर्ज शिकायतों को भी जांच का आधार बनाया गया। यह शिकायत भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा की गई थी।
ट्रस्ट द्वारा रामपुर में विकसित की गई जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी कई वित्तीय और प्रशासनिक सवाल उठे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, निर्माण कार्यों और फंड उपयोग से जुड़े कई बिंदुओं पर पारदर्शिता की कमी पाई गई।