मदर डेयरी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए एक नया और इको-फ्रेंडली दूध पाउच लॉन्च किया है, जो मिट्टी में प्राकृतिक रूप से विघटित हो जाएगा। कंपनी ने इसकी घोषणा मंगलवार, 2 जून को की।

कंपनी के अनुसार यह देश का पहला ऐसा दूध पैकेजिंग पाउच है, जो उपयोग के बाद मिट्टी में मिलकर पूरी तरह प्राकृतिक तत्वों में बदल जाता है और प्लास्टिक का कोई अवशेष नहीं छोड़ता। इसकी शुरुआत 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गाय के दूध के लिए की जाएगी।

मदर डेयरी, जो नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, प्रतिदिन लगभग 55 लाख लीटर दूध की आपूर्ति करती है। नए पाउच में इस्तेमाल की गई तकनीक के तहत यह सामग्री धीरे-धीरे बायो-उपलब्ध मोम में बदल जाती है और मिट्टी के सूक्ष्मजीव इसे प्राकृतिक रूप से विघटित कर देते हैं।

NDDB अध्यक्ष मीनेश शाह के अनुसार यह पैकेजिंग कुछ वर्षों के भीतर पूरी तरह मिट्टी में मिल जाएगी और उपभोक्ताओं पर इसका कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

कंपनी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने बताया कि इस पर्यावरण-अनुकूल पाउच को विकसित करने में चार साल से अधिक का शोध किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना और पूरी तरह सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराना है।

हालांकि ये पाउच प्राकृतिक रूप से विघटित होने वाले हैं, फिर भी इन्हें रीसाइकिल करने योग्य डिजाइन के साथ तैयार किया गया है, ताकि पर्यावरणीय प्रभाव को और कम किया जा सके।

गौरतलब है कि 1974 में स्थापित मदर डेयरी दूध और डेयरी उत्पादों के साथ-साथ दही, आइसक्रीम, पनीर और घी जैसी वस्तुओं का भी प्रमुख ब्रांड है। इसके अलावा कंपनी ‘धारा’ ब्रांड के तहत खाद्य तेल और ‘सफल’ ब्रांड के माध्यम से फल, सब्जियां और स्नैक्स भी उपलब्ध कराती है।