नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को दो महीने के अंतराल पर होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा के फैसले जारी किए। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखा और ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि, केंद्रीय बैंक का रुख कर्जदारों के लिए राहत भरा है।

ब्याज दरों में लंबी अवधि तक स्थिरता
गवर्नर मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि नीतिगत दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी और भविष्य में इनमें और कमी की संभावना है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय MPC की ओर से ही लिया जाएगा। पिछले साल फरवरी से अब तक केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कुल 125 आधार अंकों की कटौती की है।

मल्होत्रा ने यह भी बताया कि दरों में कटौती का प्रभाव जमा निवेशकों पर धीमा पड़ा है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरें और नीचे जा सकती हैं, जिससे निश्चित आय पर निर्भर निवेशकों के लिए सावधानी जरूरी है।

आर्थिक वृद्धि और व्यापार समझौते
आरबीआई ने आगामी वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए GDP वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित किया है। गवर्नर ने बताया कि हाल ही में किए गए व्यापार समझौते देश की अर्थव्यवस्था में 20 आधार अंकों तक का योगदान दे सकते हैं।

सरकारी उधारी और विदेशी निवेश
डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर ने कहा कि बजट के बाद सरकार की उधारी कार्यक्रम को RBI आसानी से प्रबंधित करेगा। अगले वित्त वर्ष में सकल उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध उधारी 11.73 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। ट्रेज़री बिल्स यील्ड कर्व से सरकार उचित दरों पर उधारी जुटा सकेगी।

गवर्नर ने कहा कि डेटा सेंटर संबंधी घोषणाओं से बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल 'करेंसी इन सर्कुलेशन' में काफी बढ़ोतरी हुई है।

महंगाई और कीमती धातुओं का असर
RBI ने पहली बार माना कि सोने और चांदी की बढ़ती कीमतें महंगाई को प्रभावित कर रही हैं। MPC के बयान के अनुसार, आंतरिक महंगाई में लगभग 0.60-0.70% का योगदान केवल कीमती धातुओं की कीमतों में वृद्धि का है। गुरुवार को सोना 1.24% गिरने के बाद भी 1,48,860 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं।

हालांकि, कोर इन्फ्लेशन यानी सोने और चांदी को हटाकर मापा गया मुख्य महंगाई 2.6% (दिसंबर) पर स्थिर बनी हुई है। आरबीआई की नीति समीक्षा यह दर्शाती है कि केंद्रीय बैंक का मुख्य फोकस अभी भी आर्थिक वृद्धि को सहारा देने और कर्जदारों के लिए आसान वित्तीय स्थितियों को बनाए रखने पर है।