खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले कई हवाई मार्गों में बाधा और कुछ इलाकों में अस्थायी रूप से एयरस्पेस बंद होने के कारण जिले के निर्यातकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका और मध्य पूर्व के देशों के लिए भेजे गए कई कोरियर फिलहाल दुबई एयरपोर्ट पर अटके हुए हैं, जिससे निर्यात प्रक्रिया प्रभावित हो गई है।

निर्यातकों के अनुसार, कई कोरियर कंपनियों ने उन्हें सूचित किया है कि मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र में चल रही अस्थिरता के कारण डिलीवरी में देरी हो सकती है। आमतौर पर अमेरिका, जर्मनी और खाड़ी देशों के खरीदारों को हस्तशिल्प उत्पादों के सैंपल हवाई मार्ग से भेजे जाते हैं। इन सैंपल को देखने के बाद ही विदेशी खरीदार बड़े ऑर्डर की पुष्टि करते हैं।

हालांकि मौजूदा हालात के चलते सैंपल समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे ऑर्डर मिलने की प्रक्रिया भी धीमी पड़ सकती है। जानकारी के मुताबिक, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण दुबई के हवाई क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई है। इसी वजह से करीब 350 कोरियर दुबई एयरपोर्ट पर ही रुक गए हैं, जिनमें ज्यादातर हस्तशिल्प उत्पादों के सैंपल हैं।

इन कोरियर को सामान्य परिस्थितियों में तीन दिनों के भीतर अमेरिका और अन्य मिडिल ईस्ट देशों तक पहुंचना था, लेकिन अब इनके देर से पहुंचने की संभावना है। शहर के कई निर्यातकों का कहना है कि दुबई के रास्ते जाने वाली उड़ानों पर असर पड़ने से अमेरिका भेजे जाने वाले कोरियर भी प्रभावित हुए हैं।

द हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सतपाल के अनुसार, मौजूदा हालात के कारण न सिर्फ सैंपल भेजने में दिक्कत आ रही है, बल्कि नए ऑर्डर की प्रक्रिया भी धीमी हो गई है। उन्होंने बताया कि दुबई एयरस्पेस प्रभावित होने के साथ समुद्री मार्गों पर भी आवाजाही कम हो गई है, जिससे निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है।

वहीं, एसोसिएशन के चेयरमैन जेपी सिंह का कहना है कि कोरियर कंपनियां पहले ही निर्यातकों को संदेश भेजकर डिलीवरी में देरी की सूचना दे रही हैं।

प्रतिदिन भेजे जाते हैं 500 से अधिक कोरियर

जिले की कोरियर कंपनियों के अनुसार, यहां से हर दिन 500 से अधिक कोरियर विदेशों में भेजे जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या हस्तशिल्प उत्पादों की होती है। इनमें से लगभग 250 कोरियर दुबई के रास्ते अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों तक पहुंचते हैं।

दुबई एयरस्पेस प्रभावित होने के बाद अब कोरियर को वैकल्पिक हवाई मार्गों से भेजने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इससे परिवहन लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। कुछ कोरियर कंपनियों का कहना है कि अमेरिका, जर्मनी और अन्य देशों में पार्सल भेजने के लिए अब अलग-अलग एयर रूट का सहारा लिया जा रहा है।