जानकारी के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई के वकील दीपक खत्री पर हमला करने की योजना दिसंबर में बनाई गई थी। यह बदला उस हत्या का था, जिसमें रोहित गोदारा के करीबी इंद्रप्रीत उर्फ पैरी को चंडीगढ़ में गोली मारकर मार दिया गया था। इस हत्या का बदला लॉरेंस गैंग ने नवंबर में दुबई में अपने फाइनेंसर सुखदीप उर्फ सिप्पा की हत्या करके लिया था।
अंडरवर्ल्ड सूत्रों के अनुसार, रोहित गोदारा इस वारदात का जवाब देने के लिए सक्रिय था। उसने अपने साथी गोल्डी के साथ मिलकर लॉरेंस के वकील दीपक खत्री पर हमला करने की योजना बनाई और सुपारी रोहित सोलंकी को दी।
पुलिस जांच में खुलासा
पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि पूछताछ में रोहित सोलंकी ने बताया कि 2019 में उसकी मुलाकात गैंगस्टर कपिल मान से हुई थी। 2020 में टिल्लू गैंग ने उसके परिचित योविन की हत्या कर दी। इसके बाद सोलंकी ने कपिल के जेल के बाहर और अंदर के सारे काम संभाल लिए। कपिल ने उसे रोहित गोदारा से संपर्क कराने के लिए सोशल मीडिया आईडी दी।
कुछ दिनों बाद गोदारा ने सोलंकी को बताया कि वह एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के लिए तैयार रहे और बदले में मोटी रकम दी जाएगी। पहले प्रयास में दीपक खत्री की देहरादून लोकेशन पर काम नहीं बन पाया।
सोलंकी ने लगातार खत्री की गतिविधियों पर नजर रखी और उनके मंगलवार के रोजाना मंदिर दर्शन की आदत का पता लगाया। हमले से एक हफ्ते पहले उसने अपने साथी विक्रम के साथ रेकी की। बाद में गोदारा ने हथियार और शूटर भेजे।
हमले की योजना और निष्फल प्रयास
24 दिसंबर को सोलंकी, विक्रम और शूटर कश्मीरी गेट पहुंचे। हालांकि, हमला असफल रहा और दीपक खत्री बच गए। इसके बाद सोलंकी पश्चिम विहार और फिर गुरुग्राम भाग गया। दुबई जाने का प्रयास असफल हुआ, क्योंकि बैंकॉक एयरपोर्ट पर उसे शक के चलते भारत वापस भेज दिया गया।
हथियार और सबूत बरामद
हमले में उपयोग की गई ग्लॉक पिस्टल और स्कूटी शूटरों द्वारा छोड़ी गई। राजघाट के पास पिस्तौल और स्कूटी मिलने के बाद स्थानीय ट्रक चालक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया है और सोलंकी से पूछताछ जारी है।