घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और प्रमुख सूचकांक दबाव में नजर आए। शुरुआती कारोबार में बिकवाली के चलते बाजार लाल निशान में चला गया। सेंसेक्स में करीब 353 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 77,491 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी लगभग 109 अंक टूटकर 24,225 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में गिरावट का मुख्य कारण बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में लगातार बिकवाली माना जा रहा है। इसी दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये पर दबाव देखने को मिला और रुपया डॉलर के मुकाबले 36 पैसे कमजोर होकर 94.58 पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील और इटरनल जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। वहीं एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, अदानी पोर्ट्स और एचसीएल टेक जैसे कुछ शेयरों में हल्की तेजी दर्ज की गई।
वैश्विक कच्चे तेल बाजार में भी मजबूती देखी गई, जहां ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 1.19 प्रतिशत बढ़कर 101.3 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा हालात में भारतीय शेयर बाजार पर लगातार खबरों का असर बना रहेगा और निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बढ़ते तनाव ने भी वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख देखा गया, जहां जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इसी तरह गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए।
विदेशी निवेशकों के रुख की बात करें तो हालिया आंकड़ों के अनुसार उन्होंने गुरुवार को भारतीय बाजार से करीब 340 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध बिकवाली की। पिछले कारोबारी सत्र में भी सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे बाजार में दबाव का रुझान लगातार बना हुआ है।