अमृतसर। भारत–पाकिस्तान सीमा के पास स्थित खासा आर्मी कैंप के बाहर मंगलवार देर रात हुए आईईडी धमाके के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है, हालांकि अब तक उनसे औपचारिक पूछताछ नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार, वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्थाओं में व्यस्तता के कारण पुलिस बुधवार को संदिग्धों से पूछताछ नहीं कर सकी। बताया जा रहा है कि दोनों युवकों के परिजनों ने उन्हें आगे जांच में सहयोग के लिए शुक्रवार सुबह दोबारा पेश करने का आश्वासन दिया है।
जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों युवक धमाके से कुछ समय पहले रात करीब साढ़े दस बजे से सवा दस बजे के बीच आर्मी कैंप के आसपास देखे गए थे। इसके लगभग 15 मिनट बाद रात करीब 11 बजे धमाका हुआ।
पुलिस अब दोनों संदिग्धों से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मदद से उनकी गतिविधियों और पृष्ठभूमि की भी पड़ताल की जा रही है।
इसी बीच, जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों की जांच भी तेज कर दी गई है। पंजाब पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां और फॉरेंसिक टीमें मिलकर लगातार सुराग जुटाने में लगी हुई हैं। अब तक करीब 720 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है और लगभग 120 लोगों को पूछताछ के दायरे में शामिल किया गया है।
जालंधर विस्फोट मामले में जांच का दायरा फगवाड़ा तक पहुंच गया है। पुलिस शहर के प्रवेश और निकास मार्गों, प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही मोबाइल टावर डेटा और संदिग्ध नंबरों की जांच भी की जा रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि वारदात से पहले इलाके की रेकी की गई थी।
वहीं अमृतसर के खासा स्थित बीएसएफ कैंप के बाहर हुए विस्फोट में भी जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं। घटनास्थल के आसपास लगे 120 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। एक युवक को विस्फोट से पहले इलाके में घूमते हुए देखा गया है, जिसकी पहचान की कोशिश जारी है। कुछ बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों की मौजूदगी भी कैमरों में दर्ज हुई है, जिनका उपयोग किए जाने की आशंका है।
फॉरेंसिक टीम ने मौके से विस्फोटक सामग्री के अवशेष भी एकत्र किए हैं। शुरुआती जांच में कम तीव्रता वाले विस्फोटक के इस्तेमाल की संभावना जताई गई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह हमला केवल दहशत फैलाने के लिए था या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था।
अमृतसर के ग्रामीण एसएसपी सुहैल मीर ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सेना और बीएसएफ कैंपों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और रात में लगातार गश्त व जांच अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार जांच कई अहम बिंदुओं तक पहुंच चुकी है और जल्द ही मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना है।