बठिंडा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बठिंडा जिले के गांव तुंगवाली में जिस किसान के घर और खेत में मिसाइल का मलबा गिरा था, वह घटना के बाद भी पूरी तरह निडर और सामान्य जीवन जी रहा है। किसान बेअंत सिंह का कहना है कि उन्हें किसी तरह का डर नहीं है और वे देश के लिए हर हाल में तैयार रहने की भावना रखते हैं।

बेअंत सिंह ने बताया कि मिसाइल गिरने की घटना के समय वह जरूर कुछ पल के लिए घबरा गए थे, लेकिन डरने जैसी स्थिति नहीं बनी। उस दौरान जिला प्रशासन और गांव के लोगों ने पूरा सहयोग दिया और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहे। घटना में उनके घर के कमरों के शीशे टूट गए थे, जबकि पशुओं के लिए बने शेड की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। अब सभी मरम्मत कार्य पूरे कर लिए गए हैं और जीवन सामान्य रूप से चल रहा है।

जिस खेत में मिसाइल के टुकड़े गिरे थे, वहां अब फिर से खेती शुरू हो चुकी है। किसान ने बताया कि उस समय फसल को नुकसान जरूर हुआ था, लेकिन बाद में उसी जमीन पर गेहूं की नई फसल तैयार की गई और उसकी कटाई भी पूरी हो चुकी है। फिलहाल अगली फसल की तैयारी जोरों पर है।

इसी क्षेत्र के बीड़ तालाब बस्ती नंबर चार के किसान स्वरूप सिंह ने भी स्पष्ट कहा कि उन्हें किसी भी तरह का भय नहीं है। उनके खेत में भी मिसाइल के टुकड़े गिरे थे, लेकिन वे बिना डरे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उनका कहना है कि देश से बड़ा कुछ नहीं होता और भारत ने हमेशा अपनी सुरक्षा और शक्ति का मजबूत प्रदर्शन किया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले के बाद भी गांव के लोग पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग कर रहे हैं।