नई दिल्ली: अभिनेता राजपाल यादव ने गुरुवार को शाम 4 बजे तिहाड़ जेल में अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया। यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया, जिसमें कोर्ट ने उनके चेक बाउंस केस में समय सीमा बढ़ाने से इंकार कर दिया था।
सरेंडर की प्रक्रिया
जेल सूत्रों के अनुसार, राजपाल यादव ने समय पर जेल में उपस्थित होकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभाई। इससे पहले बुधवार को कोर्ट ने उनके वकील की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें अतिरिक्त समय मांगा गया था।
राजपाल यादव की दलील
अभिनेता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि राजपाल यादव ने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है और भुगतान के लिए एक सप्ताह और समय की मांग की थी। लेकिन जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि ऐसे किसी भी आधार पर राहत नहीं दी जा सकती और उन्हें तय समय पर सरेंडर करना होगा।
मामले का कारण
राजपाल यादव ने M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। कंपनी का आरोप है कि उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन के लिए चेक जारी किए, जो बाद में बाउंस हो गए। निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने पहले सजा पर रोक लगाई थी, लेकिन शर्त रखी थी कि वे कंपनी को भुगतान करेंगे।
कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
अदालत ने बार-बार भुगतान के लिए समय दिया, लेकिन राजपाल यादव ने अपनी प्रतिज्ञा का पालन नहीं किया। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि अब और राहत संभव नहीं है, क्योंकि अभिनेता ने लगातार कोर्ट के भरोसे को तोड़ा।