फिल्म ‘जन नायकन’ के निर्माताओं ने मद्रास हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट के अनुसार इस मामले की सुनवाई 19 जनवरी को होने की संभावना है।
फिल्म की रिलीज़ पहले 9 जनवरी तय थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण इसे रोक दिया गया। इसके बाद निर्माताओं ने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया। 9 जनवरी को हाई कोर्ट की एकल बेंच ने सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में डिविजन बेंच ने इसे रोक दिया। इस स्थिति में निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। इस पूरे विवाद के कारण फिल्म की रिलीज़ फिलहाल अधर में लटकी हुई है।
सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इसलिए इनकार किया था क्योंकि इसमें अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली कथानक सामग्री थी। इसके अलावा कुछ अन्य दृश्य और संवादों को लेकर भी बोर्ड ने आपत्ति जताई थी। सेंसर बोर्ड से समर्थन नहीं मिलने के कारण निर्माताओं ने न्यायालय का सहारा लिया।
केवीएन प्रोडक्शन हाउस ने 6 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और कहा था कि फिल्म की रिलीज़ में देरी के कारण लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। याचिका से जुड़े इस विवाद ने अब सुप्रीम कोर्ट तक रास्ता पकड़ लिया है।