गुरुग्राम। गुरुग्राम जिले की सिधरावली के पास सिग्नेचर ग्लोबल की निर्माणाधीन साइट पर सोमवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण के दौरान मिट्टी का ढांचा अचानक धंस गया, जिससे सात श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के समय और स्थिति
हादसा सोमवार रात लगभग सात बजे उस समय हुआ जब श्रमिक एसटीपी प्लांट के लिए खोदे गए लगभग 50 फीट गहरे गड्ढे में काम कर रहे थे। अचानक मिट्टी का ढांचा खिसक गया और श्रमिकों के ऊपर दब गया। कई लोग तुरंत बाहर निकल गए, लेकिन 11 श्रमिक गड्ढे में फंस गए।
घायलों को तुरंत राजस्थान के भिवाड़ी के निजी अस्पताल ले जाया गया। मृतकों और घायल श्रमिकों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी
पुलिस और प्रशासनिक टीमों की जांच में सामने आया कि गहरे गड्ढे में उचित स्लोपिंग, शोरिंग, ब्रेसिंग और सेफ्टी नेट का इस्तेमाल नहीं किया गया था। रोड रोलर के कारण मिट्टी पर अतिरिक्त दबाव पड़ा, जिससे गड्ढा अचानक धंस गया।
एसटीपी प्लांट निर्माण के दौरान बेसमेंट की खोदाई में सुरक्षा मानकों की उपेक्षा होने के कारण यह हादसा हुआ।
मृतकों की पहचान
मृतकों में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के शिवशंकर, खूंटी के परमेश्वर महतो, धनंजय महतो, हाथी बिंदा के मंगल महतो, जमशेदपुर के भागीरथ गोप, संजीव गोप और राजस्थान के भरतपुर के सतीश यादव शामिल हैं। घायल श्रमिकों में नेपाल और राजस्थान के चार लोग हैं।
प्रशासन और पुलिस कार्रवाई
गुरुग्राम और भिवाड़ी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बिलासपुर थाना पुलिस ने कंपनी, ठेकेदार और साइट पर जिम्मेदार छह लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और सुरक्षा लापरवाही के आरोप में केस दर्ज किया है।
सिग्नेचर ग्लोबल इंडिया लिमिटेड ने हादसे की सूचना मिलते ही राहत एवं सहायता कार्य शुरू किया। ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और तीन संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। कंपनी ने मृतक श्रमिकों और उनके परिवारों को वित्तीय और चिकित्सीय मदद देने की बात कही है।
परिवार की दुर्दशा
मृतक सतीश यादव भरतपुर का निवासी था। वह परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और पांच साल का बेटा है। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।