मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और गैस आपूर्ति में रुकावट के बाद देश के कई शहरों में एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता प्रभावित होने लगी है। राजधानी दिल्ली और मुंबई में यह संकट विशेष रूप से महसूस किया जा रहा है।

दिल्ली में गैस बुकिंग ठप
दिल्ली-एनसीआर में कई इलाकों में एलपीजी सिलेंडर की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं ने बताया कि सिलेंडर बुक कराने के लिए जारी किए गए टोल-फ्री नंबर काम नहीं कर रहे हैं। उदाहरण के लिए नंबर 7718955555 पर फोन करने पर कभी कॉल नहीं जाती, कभी नंबर स्विच ऑफ या नॉट इन यूज दिखता है। इसका परिणाम यह हुआ कि लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े हैं।

मुंबई में वैकल्पिक साधनों की ओर रुझान
मुंबई में भी स्थिति खराब है। सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे लोग खाना बनाने के लिए इलेक्ट्रिक रसोई उपकरणों जैसे इलेक्ट्रिक कुकर, माइक्रोवेव, मल्टीकुकर, एयर फ्रायर और टोस्टर की ओर बढ़ रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर अगले एक सप्ताह में सप्लाई में सुधार नहीं हुआ, तो पूरे देश में ईंधन संकट बढ़ सकता है।

होटलों पर भी असर
मुंबई के होटल और रेस्तरां अब घरेलू सिलेंडरों पर ही निर्भर हैं। 6 मार्च से होटल और रेस्तरां को एलपीजी की आपूर्ति लगभग 80 प्रतिशत तक कम कर दी गई है। इस संकट का असर शहर के पुराने और प्रसिद्ध होटलों पर भी दिखाई दे रहा है। फोर्ट इलाके में स्थित 178 साल पुराना पंचम पुरीवाला होटल अब सीमित एलपीजी स्टॉक के कारण अपने मेन्यू को घटा चुका है और केवल दो व्यंजन—पूरी-भाजी और आमरस-पूरी—परोस रहा है।

MGL ने की सफाई
महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने कहा है कि घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सामान्य है। हालांकि, खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण एलएनजी आयात में बाधा आई है, जिससे औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए आपूर्ति कुछ हद तक प्रभावित हो सकती है।

पेट्रोल-डीजल के लिए लंबी कतारें
सिर्फ गैस ही नहीं, पेट्रोल और डीजल की कमी भी लोगों को परेशान कर रही है। दिल्ली, मुंबई और भोपाल जैसे शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और वाहन चालक घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।

देशभर में ईंधन की उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति की अनिश्चितता के कारण आने वाले दिनों में यह संकट और गहराने की संभावना है।